
लखनऊ, 28 अगस्त . नेपाल में आई बाढ़ की त्रासदी पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद दिनेश शर्मा ने दुख जताया है. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद स्थिति है और एक बड़ी प्राकृतिक आपदा है. इसके पीछे चाहे जो कारण हो, यह एक बड़ी त्रासदी है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने समकक्ष से बात कर वहां पर्याप्त मदद भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की है. वहीं उन्होंने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी दीं और इसके महत्व के बारे में बताया.
नेपाल में आई त्रासदी को लेकर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “यह बहुत दुखद स्थिति है, और यह एक प्राकृतिक आपदा है. इसके पीछे जो भी कारण हो, चीन से बाढ़ आने और वहां से पानी छोड़े जाने की खबरें थीं. कारण जो भी हो, यह एक बड़ी त्रासदी थी. भारत के प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष से बात की और यह सुनिश्चित किया कि वहां पर्याप्त मदद भेजी जाए. भगवान नेपाल के लोगों को इस विषम परिस्थिति से लड़ने की हिम्मत दें.”
चीनी घोटाले के बारे में कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “कांग्रेस को घोटालों का बहुत अनुभव है, और उस पर चीनी घोटाले का भी आरोप लगा है. इसीलिए शायद वे भाजपा के घोटाले पर ध्यान देने के बजाय अपने घोटाले को याद कर रहे हैं. भाजपा को सब पता है, मौसम का परिवर्तन, अचानक फसलों का कम होना, युद्ध की वजह से इंपोर्ट प्रभावित होने समेत कई कारण हैं. कांग्रेस को कालाबाजारी कराने वालों से अच्छे संबंध हैं. कांग्रेस का चीनी घोटाले का काला इतिहास रहा है.”
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने रक्षा बंधन की बधाई देते हुए कहा, “यह एक ऐसा पर्व है, जिसमें बहनों और भाइयों को पूरे एक साल का इंतजार रहता है. बहुत जगह तो गुरु लोगों को भी राखी बांधी जाती है. शास्त्रों में इसका उल्लेख भी है. सीमाओं पर सैनिकों को भी राखी बांधी जाती है. ये एक प्रकार का धागा नहीं, रक्षा का संकल्प है. ये केवल धागा नहीं, रक्षा का संकल्प होता है. माता लक्ष्मी ने सबसे पहले बाली को राखी बांधी थी. द्रोपदी ने भी एक बार कृष्ण भगवान को चोट लगी थी तो फीता बांधी थी. इसके कई अलग-अलग उदाहरण मिलते हैं. ये मामूली सा धागा बहन के प्रति भाई का रक्षा का संकल्प, श्रद्धा और समन्वय का भाव होता है.”
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सनातनी परंपरा के जो पर्व है, हर पर्व के पीछे एक वैज्ञानिक आधार और सिद्धांत भी होता है. जैसे होली सभी जातियों को एक रंग में रंगने का त्योहार है, दीपावली साफ-सफाई और सुरक्षा के साथ समृद्धि का परिचायक बनता है. रक्षाबंधन भी एक-दूसरे के प्रति समर्पण और रक्षा का भाव जागृत करता है.
आरएसएस से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि ये बात सही है कि किसी भी दल में बाल श्रम सेवक का प्रावधान नहीं है. लेकिन स्वयंसेवक संघ में आप बालश्रम सेवक भी देखेंगे. यानि आरएसएस में बचपन से ही संस्कार सीखना और राष्ट्र के प्रति समर्पित होने का संकल्प लेना और साहसपूर्ण तरीके से अपने प्राचीन विरासत को समझना, उनके महत्व का पालन करना सिखाया जाता है.
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केके/डीएससी