
नोएडा, 18 सितंबर . देशभर में चर्चित रहे निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है. शुक्रवार को हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सुरेंद्र कोली का शव मिलने की सूचना सामने आई. प्रारंभिक जानकारी में घटना को आत्महत्या बताया जा रहा है. हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है.
कोली के अल्मोड़ा स्थित स्वजन को भी घटना की सूचना दे दी गई है. सुरेंद्र कोली की मौत की खबर सामने आने के बाद निठारी में रहने वाले कुछ पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों ने घटना पर सवाल उठाए हैं. निठारी कांड से जुड़े रहे और वर्तमान में वहीं कपड़े प्रेस करने की दुकान चलाने वाले झब्बू लाल और सुनीता ने कोली की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है.
उनका कहना है कि अदालत से रिहाई के बाद सुरेंद्र कोली अपना काम कर रहा था और सामान्य तरीके से जीवन जी रहा था. ऐसे में उनका सवाल है कि यदि वह अपना जीवन आगे बढ़ा रहा था तो उसे आत्महत्या करने की जरूरत क्यों पड़ती. हालांकि, यह पीड़ित परिवारों की आशंका है और पुलिस जांच पूरी होने से पहले इसे तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता. बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था. वह भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान चलाकर अपना जीवन यापन कर रहा था. इसी चाय की दुकान से उसका शव बरामद हुआ.
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है. पुलिस की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के समय वहां कौन मौजूद था और मौत से पहले की परिस्थितियां क्या थीं. सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड के बाद देशभर में चर्चा में आया था.
नोएडा के सेक्टर-31 स्थित निठारी क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के लापता होने की घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया था. 29 दिसंबर को निठारी में डी-5 कोठी के आसपास मानव अवशेष मिलने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया. डी-5 कोठी कारोबारी मनिंदर सिंह पंढेर की थी, जहां सुरेंद्र कोली घरेलू सहायक के रूप में काम करता था. जांच के दौरान सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को निठारी से जुड़े विभिन्न मामलों में आरोपी बनाया गया. इसके बाद कोली को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा. अलग-अलग मामलों में निचली अदालतों ने उसे दोषी ठहराते हुए कई मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी.
निठारी कांड से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही. कई मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुरेंद्र कोली को दोषमुक्त कर दिया. वर्ष 2023 में हाईकोर्ट के फैसलों के बाद सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ. इसके बाद भी कुछ कानूनी मामले और प्रक्रियाएं Supreme Court तक पहुंचीं. निठारी कांड से जुड़े अंतिम लंबित मामले में भी सुरेंद्र कोली को Supreme Court से राहत मिली थी. 11 नवंबर 2025 को Supreme Court ने उसकी क्यूरेटिव याचिका स्वीकार करते हुए उसकी दोषसिद्धि रद्द कर दी थी.
इसके बाद निठारी कांड से जुड़े उसके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की कानूनी स्थिति समाप्त हो गई थी. रिहाई के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार चला गया था और वहां चाय की दुकान चलाकर जीवन बिता रहा था. अब उसी दुकान पर उसका शव मिलने से निठारी कांड से जुड़े पीड़ित परिवारों के पुराने सवाल एक बार फिर सामने आए हैं. फिलहाल पुलिस आत्महत्या समेत मौत के सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुरेंद्र कोली की मौत किन परिस्थितियों में हुई.
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पीकेटी/डीकेपी