बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ श्रीनगर में पीडीपी और जेकेएपी का प्रदर्शन

श्रीनगर, 24 अगस्त . पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और पूर्व मंत्री सैयद अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) ने सोमवार को बिजली दरों में हाल ही में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ श्रीनगर में अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किए.

पीडीपी का प्रदर्शन पार्टी मुख्यालय में आयोजित किया गया, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैनर और तख्तियां लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव प्रचार के दौरान मुफ्त बिजली का वादा करने के बावजूद बिजली दरों में बढ़ोतरी क्यों की गई.

वहीं, रेजीडेंसी रोड स्थित प्रेस एन्क्लेव में जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के नेता मोहम्मद अशरफ मीर के नेतृत्व में एक अन्य प्रदर्शन आयोजित किया गया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने बैनर और तख्तियां लेकर बिजली दरों में संशोधन के विरोध में नारे लगाए.

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सीएम के खिलाफ नारे लगाए और बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार की आलोचना की.

ये विरोध प्रदर्शन संयुक्त बिजली विनियामक आयोग द्वारा जेपीडीसीएल और केपीडीसीएल के लिए खुदरा बिजली दरों में औसतन 6.83 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दिए जाने के बाद हुए. संशोधित दरें 1 सितंबर से लागू होने वाली हैं.

दोनों दलों ने सरकार से बिजली दरों में बढ़ोतरी के फैसले पर पुनर्विचार करने और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डालने की मांग की है.

इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस के असंतुष्ट लोकसभा सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने भी ओमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि सरकार ने मुफ्त बिजली देने के अपने चुनावी वादे से पीछे हटते हुए पूरे जम्मू-कश्मीर में बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी है.

रूहुल्लाह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह लोकसभा से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने में वह सफल नहीं हो पाए हैं.

एएमटी/डीकेपी