भारतीय बहुत प्रतिभाशाली, अमेरिका में कुशल लोगों के लिए अवसर हैं : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

एवियन (फ्रांस), 17 जून . अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिका में भारतीय कुशल पेशेवरों के लिए अवसरों का समर्थन किया. उन्होंने भारतीयों को ‘बहुत प्रतिभाशाली’ बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से रोजगार के क्षेत्र में अच्छे संबंध रहे हैं.

ये बयान ट्रंप ने फ्रांस में हुए जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में दिए.

जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके राष्ट्रपति कार्यकाल में भारतीय कुशल पेशेवरों को अमेरिका में आगे भी अवसर मिलते रहेंगे, तो ट्रंप ने सकारात्मक जवाब दिया. उन्होंने कहा क‍ि भारत के साथ रोजगार के मामले में हमारे हमेशा से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं.

उन्होंने भारतीय पेशेवरों की तारीफ करते हुए कहा क‍ि ये बहुत प्रतिभाशाली लोग हैं.

ट्रंप के इन बयानों पर भारत में खास ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि भारत अमेरिका में बड़ी संख्या में कुशल कर्मचारियों, इंजीनियरों, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और छात्रों को भेजने वाले देशों में शामिल है.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्ते काफी मजबूत हैं. प्रधानमंत्री मोदी और भारत के साथ हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई. अमेरिका और भारत के बीच बहुत सारी चीजें आगे बढ़ रही हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और बातचीत करने की क्षमता की भी तारीफ की. उन्होंने कहा क‍ि वह बहुत मजबूत बातचीत करने वाले नेता हैं. वास्तव में, वह सबसे अच्छे बातचीत करने वालों में से एक हैं.

बाद में ट्रंप ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर काफी सकारात्मक बातें कहीं. उन्होंने कहा क‍ि भारत हमारे साथ जो चाहे कर सकता है. हमारे बीच सबसे अच्छे रिश्ते हैं. उन्‍होंने कहा क‍ि मुझे नहीं लगता कि मेरे और प्रधानमंत्री मोदी के बीच या हमारे दोनों देशों के बीच इससे ज्यादा करीबी रिश्ता हो सकता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले अमेरिका दौरे के बाद से दोनों देशों के बीच सहयोग काफी बढ़ा है. पिछले साल वॉशिंगटन में हमारी बेहद सफल बैठक हुई थी. उसके बाद से हमने अपने रिश्तों में नई गति और नई ऊर्जा दी है. दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के अधिकारी भी तय किए गए लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार मिलकर काम कर रहे हैं. हमारी टीमें भी आपस में लगातार बातचीत और सहयोग कर रही हैं.

एवाई/एबीएम