
मदुरै, 10 सितंबर . तमिलनाडु के मदुरै में एक सत्र न्यायालय ने गुरुवार को शिवगंगा जिले के मदपुरम में बी. अजित कुमार की हिरासत में हुई मौत के संबंध में पूर्व पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सहित चार पुलिसकर्मियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103 के तहत मनमदुरई के पूर्व डीएसपी एन. शनमुगसुंदरम, तिरुप्पुवनम के पूर्व इंस्पेक्टर एसपी रमेश कुमार, पूर्व सब-इंस्पेक्टर शिवकुमार और पूर्व हेड कांस्टेबल इलैयाराजा के खिलाफ हत्या का आरोप तय किया है.
इसके बाद अदालत ने चारों को हिरासत में भेजने का आदेश दिया.
कार्यवाही के दौरान अदालत ने गौर किया कि आरोपी ने निचली अदालत के समक्ष जमानत याचिकाएं दायर नहीं की थीं.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चारों आरोपी पुलिस अधिकारियों की रिहाई का विरोध करते हुए कहा कि जमानत देने से हिरासत में हुई मौत के संवेदनशील मामले की जांच प्रभावित हो सकती है.
अभियोजन पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि इस मामले में जारी किया गया गवाह संरक्षण आदेश वर्तमान तिरुप्पुवनम इंस्पेक्टर, सेथुमणि मथावन द्वारा मनमाने ढंग से वापस ले लिया गया था.
इस याचिका ने अदालत के समक्ष गवाहों की सुरक्षा और कार्यवाही जारी रहने के दौरान आरोपी को रिहा किए जाने के संभावित प्रभाव को लेकर उठाई गई चिंताओं को और बढ़ा दिया.
इससे पहले चारों पुलिसकर्मियों ने जमानत के लिए मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै बेंच से संपर्क किया था.
उच्च न्यायालय ने उन्हें मदुरै में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने और बांड निष्पादित करने का निर्देश दिया.
हालांकि, सत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत सामग्री के अनुसार, उन्होंने वहां जमानत याचिकाएं दायर नहीं कीं.
मदपुरम भद्रकाली अम्मन मंदिर में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाले अजीत कुमार की जून 2025 में पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद मृत्यु हो गई.
पुलिस ने उसे लापता गहनों से संबंधित शिकायत के सिलसिले में हिरासत में लिया था.
उनकी मृत्यु से जुड़े हालातों ने हिरासत में हिंसा के आरोपों को जन्म दिया और एक व्यापक जांच को जन्म दिया.
इसके बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली, छह पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया.
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, एजेंसी ने ट्रायल कोर्ट में शनमुगसुंदरम, रमेश कुमार, शिवकुमार और इलैयाराजा के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि वे भी अजीत कुमार की मौत में शामिल थे.
हत्या का आरोप तय हो जाने और चारों अधिकारियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामला मदुरै सत्र न्यायालय में आगे बढ़ेगा.
यह रिमांड आदेश सुरक्षा गार्ड की मौत से जुड़े अभियोजन और उसकी हिरासत से जुड़े पुलिस कर्मियों के आचरण की बाद की जांच में एक महत्वपूर्ण चरण को दर्शाता है.
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एसएचके/डीकेपी