
मुंबई, 25 सितंबर . शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर मुकेश साहनी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवैधानिक और कानूनी तरीके से होना चाहिए. राजनीतिक विवाद में हिंसा या गोली चलाने जैसी बातों की जगह नहीं होनी चाहिए.
आनंद दुबे ने मुकेश साहनी की टिप्पणी को लेकर कहा कि लोकतंत्र में लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए. ज्ञानेश कुमार से जुड़ी कोई भी गलती है तो उसका जवाब कानून और संविधान के अनुसार दिया जाएगा. जनता ही किसी को सत्ता में लाती है और उसे सत्ता से बाहर भी कर सकती है. साहनी की ओर से हिंसा और गोली चलाने जैसी बातें करना उचित नहीं है. राजनीतिक मतभेद कितने भी हों, लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. दुबे ने ऐसे बयानों पर कार्रवाई की मांग भी की और कहा कि छोटी राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने के लिए लोगों को भावनाओं में बहकर इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए.
भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताए जाने पर दुबे ने उनका समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा. उन्होंने पाकिस्तान पर जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे वह क्षेत्र वापस कर देना चाहिए. दुबे ने कहा कि इसे शांतिपूर्ण तरीके से लौटाना बेहतर होगा. साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को लेकर सैन्य कार्रवाई की बात भी कही और दावा किया कि भविष्य में भारत ऐसा कदम उठा सकता है.
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोगों के सामने भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां हैं. इसके बावजूद पाकिस्तान की ओर से पीओके में लोगों पर अत्याचार किए जाने का आरोप लगाया जाता है. उन्होंने क्षितिज त्यागी को संयुक्त राष्ट्र में भारत का पक्ष रखने के लिए बधाई दी.
ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल को लेकर आनंद दुबे ने खुशी जताई. उन्होंने कहा कि भारत, रूस, ईरान समेत कई देशों की भागीदारी वाला यह आयोजन रंगमंच और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिहाज से महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने भारत और रूस के पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक संबंधों का उल्लेख किया. ईरान के साथ भी अच्छे संबंधों की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से कलाकारों और रंगमंच से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलते हैं. दुबे ने उम्मीद जताई कि भारत की अगुवाई में होने वाला ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल सफल रहेगा.
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले पर दुबे ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और परिवार के प्रति सभी की संवेदनाएं हैं. उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि मामले में जल्दबाजी में राजनीति न की जाए और पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार किया जाए. घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे जातिसूचक टिप्पणियों से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ अन्य दावे भी किए जा रहे हैं. वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
दुबे ने कहा कि परिवार का धरने पर बैठना उनका अधिकार है, लेकिन राजनीतिक दलों को मामले में हस्तक्षेप करने के बजाय यह सोचना चाहिए कि भविष्य में छात्रों के सामने ऐसी परिस्थितियां न आएं. उन्होंने छात्रों के लिए काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा और शिक्षक, छात्र और समाज के बीच संवाद की जरूरत बताई.
एसआईआर को लेकर विपक्ष की आलोचना और ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाए जाने पर आनंद दुबे ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का विषय नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग की सामूहिक प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार ज्ञानेश कुमार और उनके दो सहयोगियों के बीच पिछले दस महीनों में कई बार मतभेद सामने आए हैं. यदि रिपोर्ट गलत है तो चुनाव आयोग को इसका खंडन करना चाहिए और यदि इसमें सच्चाई है तो आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का भी आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष का काम ऐसे मामलों को उठाना है.
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पीएसके