रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, गाजियाबाद में 10 क्विंटल और नोएडा में 100 किलो रसगुल्ला नष्ट

गाजियाबाद, 25 अगस्त . त्योहारों से पहले गाजियाबाद में मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की. सोमवार शाम क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर में खाद्य विभाग की टीम ने सचिन छेना स्टोर पर छापेमारी कर करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्ला नष्ट कराया.

खाद्य विभाग के अधिकारी सुरेश कुमार मिश्रा ने कहा, “खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. अब तक हम छेना और पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई कर रहे हैं. हमें शिकायत मिली थी कि इस परिसर में बड़ी मात्रा में छेना रसगुल्ला तैयार किया जा रहा है.”

उन्होंने बताया कि टीम ने मौके से रसगुल्ला, अरारोट, पनीर और सेफोलाइट के चार नमूने लिए हैं. सेफोलाइट में सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट नाम के केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो ब्लीचिंग और प्रिजर्वेटिव के तौर पर काम करता है.

अधिकारी ने कहा, “हम लोगों ने इनके नमूने लिए हैं, नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है. इनके द्वारा पनीर को मैश करके स्टार्च मिलाकर उसको सफेद करने के लिए सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट नाम के केमिकल का उपयोग किया जा रहा है, जो प्रिजर्वेटिव के साथ-साथ ब्लीचिंग का काम करता है. इन्हीं सब केमिकल के पाए जाने के कारण इन सब खाद्य पदार्थों को नष्ट किया जा रहा है. फिलहाल हम इनका लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.”

खाद्य विभाग की टीम ने भीमनगर स्थित सचिन छेना स्टोर पर छापा मारा. यह फर्म सर्वोदय नगर निवासी उदय सिंह की बताई गई है. जांच के दौरान मौके पर बड़ी मात्रा में तैयार छेना रसगुल्ला मिला. अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया इसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई. इसके बाद टीम ने करीब 10 क्विंटल रसगुल्ला नष्ट करा दिया, ताकि इसे बाजार में बेचने के लिए भेजा न जा सके.

कार्रवाई के दौरान टीम ने तैयार रसगुल्ला, अरारोट, पनीर और सेफोलाइट के सैंपल लिए हैं. इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा. विभाग के मुताबिक, सेफोलाइट में सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट जैसे रसायन का इस्तेमाल किया जाता है.

वहींं, नोएडा में भी खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की. सरफाबाद सेक्टर-72 स्थित रसगुल्ला निर्माणशाला में छापा मारा गया, जहां दूषित रसगुल्लों पर मक्खी-मच्छर पाए गए. करीब 100 किलो रसगुल्ले नष्ट कराए गए. टीम ने कुल 7 खाद्य पदार्थों के नमूने भेजे, जेवर टोल प्लाजा पर पनीर के 3 नमूने, सेक्टर-134 में घेवर और इकोटेक-2 में खोया-घेवर के नमूने लिए.

इससे पहले करीब चार दिन पहले मोदीनगर के पास भोजपुर में भी खाद्य विभाग ने कार्रवाई की थी. टीम ने वहां बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर, मावा और अन्य खाद्य सामग्री जब्त की थी. विभाग को शिकायत मिली थी कि इलाके में छेना, मावा, केक और घेवर में मिलावट कर इन्हें तैयार किया जा रहा है. इसके बाद टीम ने जांच अभियान और तेज कर दिया.

त्योहारों को देखते हुए डीएम गाजियाबाद रवींद्र कुमार मांदड़ ने खाद्य विभाग को मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से शिकायत मिलने पर तत्काल जांच करने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने को कहा गया है.

खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सैंपल की रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

वीकेयू/एएस