
रांची, 28 अगस्त . रक्षाबंधन के मौके पर रांची में खाकी वर्दी का एक अलग ही रूप देखने को मिला. पंडरा स्थित बालाश्रय और चुटिया स्थित प्रेमाश्रय में रहने वाले अनाथ एवं विशेष बच्चों ने पुलिस अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी. किसी ने उन्हें भाई कहा तो किसी ने अपना संरक्षक.
इन मासूम बच्चों के स्नेह ने पुलिस अधिकारियों के लिए भी रक्षाबंधन के इस पर्व को खास बना दिया. रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गौरव गोस्वामी, ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह एवं अन्य अफसर रक्षाबंधन मनाने दोनों आश्रम पहुंचे थे.
अधिकारियों को अपने बीच पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे. बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ पुलिस अधिकारियों की कलाई पर राखियां बांधीं. अधिकारियों ने भी बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताया और उनके साथ बैठकर भोजन किया. राखी बंधवाने के बाद अधिकारियों ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में बातचीत की.
उन्होंने यह भी जानने की कोशिश की कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं. पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को उपहार भी दिए और उनकी हौसला अफजाई की. एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि समाज के हर बच्चे को स्नेह, सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे अवसर बच्चों के मनोबल को मजबूत करते हैं. साथ ही, ऐसे कार्यक्रम पुलिस और समाज के बीच विश्वास और संवेदनशीलता को भी मजबूत करते हैं.
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है. समाज के हर वर्ग के सुख-दुःख में सहभागी बनना भी उसकी जिम्मेदारी है. खासकर ऐसे बच्चे, जिन्हें परिवार का साथ नहीं मिल पाता, उनके लिए समाज और प्रशासन का स्नेह और संरक्षण बेहद जरूरी है.
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एसएनसी/डीएससी