श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने दीपोत्सव के लिए जारी किए टेंडर: जयेंद्र कुमार

अयोध्या, 30 सितंबर . अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं. श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने आयोजन से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए कई महत्वपूर्ण टेंडर जारी किए हैं. परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयेंद्र कुमार ने बताया कि राम की पैड़ी और कार्यक्रम स्थल पर टेंट लगाने तथा सजावट के लिए टेंडर जारी किए गए हैं. इसके अलावा तेल और मिट्टी के दीयों की व्यवस्था के लिए अलग टेंडर निकाला गया है.

मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयेंद्र कुमार ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए बताया कि दीयों को जलाने के लिए आवश्यक सामग्री, जिसमें टी-शर्ट, मोमबत्ती, कपूर, बाती और अन्य संबंधित सामान शामिल हैं इसके लिए भी टेंडर जारी किए गए हैं. इसके साथ ही करीब 30 हजार बच्चों के लिए भोजन और मंदिरों की लाइटिंग से जुड़े कार्यों के लिए भी पांच बड़े टेंडर जारी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि इन कार्यों की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी.

उन्होंने बताया कि दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर महापौर और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चर्चा की जा चुकी है. मंडलायुक्त और जिलाधिकारी स्तर पर भी अधिकारियों के साथ बैठकें हुई हैं. नगर निगम अयोध्या और श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद को साफ-सफाई, लाइटिंग, सौंदर्यीकरण समेत विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिन पर काम लगातार जारी है.

बता दें कि इस बार दीपोत्सव का विस्तार करीब दो किलोमीटर तक किए जाने की तैयारी है. मुख्य आयोजन राम की पैड़ी पर होगा. प्रशासन ने करीब 28 लाख मिट्टी के दीये जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा है. आयोजन क्षेत्र को लक्ष्मण घाट से चौधरी चरण सिंह घाट तक विस्तारित करने की तैयारी है.

राम की पैड़ी परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर नई सीढ़ियों का निर्माण भी कराया जा रहा है. दीपोत्सव के दौरान लाखों दीयों की रोशनी से राम की पैड़ी और आसपास का क्षेत्र जगमगा उठेगा.

नगर निगम की ओर से घाटों की साफ-सफाई, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण का काम भी तेजी से कराया जा रहा है. प्रशासन का उद्देश्य इस बार दीपोत्सव को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य और व्यवस्थित बनाना है. आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

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एसएके/डीकेपी