
चाईबासा, 3 नवंबर . झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस ने पशु तस्करी की आशंका पर कार्रवाई करते हुए 61 मवेशियों को मुक्त कराया है. इन मवेशियों को कथित तौर पर ओडिशा से लाकर चाईबासा के एक बूचड़खाने में वध के लिए ले जाया जा रहा था. पुलिस ने सभी मवेशियों को अपने कब्जे में लेकर स्थानीय गौशाला भेज दिया है. मामले में मवेशियों को ले जाने वालों और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की पहचान की जा रही है.
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 2 नवंबर की देर रात की गई. चाईबासा से झींकपानी लौट रहे एक ग्रामीण को सिंहपोखरिया के पास झाड़ियों के रास्ते कुछ लोग मवेशियों को ले जाते दिखे. उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर ग्रामीण ने जानकारी जुटाई. इस दौरान उसे पता चला कि मवेशियों को ओडिशा से लाया गया है और चाईबासा के एक बूचड़खाने की ओर ले जाया जा रहा है. ग्रामीण ने इसकी सूचना तत्काल पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु को दी.
सूचना मिलते ही एसपी ने चाईबासा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई का निर्देश दिया. इस बीच ग्रामीण भी संदिग्धों पर नजर बनाए रहे और उनकी गतिविधियों तथा लोकेशन की जानकारी पुलिस को देते रहे. पुलिस टीम ने मिली सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टेकराहातु इलाके में घेराबंदी की. सोमवार रात 11:30 बजे टीम ने मौके पर पहुंचकर मवेशियों को अपने कब्जे में ले लिया. हालांकि, मवेशियों को ले जा रहे लोगों की गिरफ्तारी और उनकी पहचान के संबंध में तत्काल कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है.
पुलिस ने सभी 61 मवेशियों को सुरक्षित चाईबासा की गौशाला पहुंचा दिया है. अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को ओडिशा से किस रास्ते लाया गया था और इस कथित तस्करी में कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य इलाकों से तो नहीं जुड़े हैं.
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एसएनसी/पीएम