
महीसागर, 29 जून . गुजरात के महीसागर जिले की आत्मविश्वास से भरी ये ग्रामीण महिलाएं आज पढ़ भी सकती हैं और लिख भी सकती हैं. यह बदलाव जिला प्रशासन की ओर से भारत सरकार के ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत चलाई गई लिटरेसी कैंपेन की वजह से आया है.
महीसागर जिले में इस अभियान के पहले चरण में हजारों लोग न केवल निरक्षरता के अभिशाप से मुक्त हो चुके हैं, बल्कि अब वे बैंक, पोस्ट ऑफिस, डेयरी और रोजगार से जुड़े रोजमर्रा के काम भी खुद करने लगे हैं.
पढ़ाई करने वालीं मगूबेन ने बताया कि पहले मुझे अंगूठा लगाने आता था. आज साइन करना सीख लिया. टीचर आते हैं, जो कई प्रकार की शिक्षा देते हैं जिसके कारण हमने तीन बार परीक्षा पास किया. हम इतनी उम्र में साइन करना सीख गए हैं; इसके लिए हम बहुत खुश हैं.
पढ़ाई करने वाली भारतीबेन ने कहा कि मुझे घड़ी देखने और 100 तक गिनती सीखने में कठिनाई हो रही थी. बच्चों ने ये दोनों चीजें सिखाई हैं. अब मैं घड़ी देखना और एक से 100 तक गिनती बोलना सीख गई हूं. इसके साथ ही डेरी में दूध भरते समय दी जाने वाली पर्ची को देखना भी आ गया है.
महीसागर जिले में कुल 717 गांव हैं. 2025 में इनमें से 60 प्रतिशत से कम महिला साक्षरता वाले गांवों का सर्वेक्षण किया गया था और कुल 4,697 निरक्षरों को शिक्षित करने के लिए चिन्हित किया गया. इन्हें 126 शिक्षकों के सुपरविजन में 532 विद्यार्थियों द्वारा 6 महीने तक पढ़ाया गया.
जिले के पाखी, पट्टन, लिबोदरा, और राणपुर जैसे कई गांवों में रात को साढ़े सात से साढ़े आठ के बीच क्लास आयोजित की गईं. इनमें से कुल 4,561 लोगों ने मार्च के महीने में परीक्षा दी और 4,135 लोग पास हुए हैं. सफल लोगों को भारत सरकार की ओर से सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा.
महीसागर की जिला कलेक्टर अर्पित सागर ने बताया कि बच्चों ने रात 7:30 से 8:30 बजे, जिस टाइम बहनें (पढ़ाई करने वाली महिलाएं) फ्री होती हैं, उस टाइम उनको पढ़ाया. बैंक में कैसे काम करना है, यह भी सिखाया. लिखना और पढ़ना सिखाया. सबसे अच्छी बात यह है कि महिलाओं ने काफी उत्साह से इस अभियान में हिस्सा लिया.
जिला कलेक्टर ने बताया कि अब इस अभियान का दूसरा चरण चालू होगा. जिस गांव में महिलाओं की 60 प्रतिशत से ज्यादा लिटरेसी रेट है, उसका सर्वे किया जाएगा. उसके बाद 15 जुलाई से 15 अक्टूबर तक कक्षाए चलेंगी. फिर से परीक्षा देने के लिए मार्च तक हम उनको पूरी तरह से तैयारी कराएंगे.
महीसागर को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य लेकर ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ का दूसरा चरण चलाया जाएगा. इसके तहत बाकी बचे 347 गांवों में सर्वे कर निरक्षरों को शिक्षित करने का अभियान चलाया जाएगा. महीसागर जिले की यह सफलता साबित करती है कि प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थी और समाज की भागीदारी से निरक्षरता को समाप्त किया जा सकता है.
–
एसडी/पीएम