पंजाब किंग्स के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता पर रसोइए के साथ ‘मारपीट’ का मामला दर्ज

भोपाल, 30 जून . भोपाल की रतिबाद पुलिस ने पंजाब किंग्स के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता, पुलिस के रिटायर्ड स्पेशल डायरेक्टर जनरल (डीजी) शैलेश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उनके घर पर काम करने वाले एक रसोइए ने मारपीट, गाली-गलौज और जबरदस्ती मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है.

को मिली एफआईआर में शैलेश सिंह, शशांक सिंह और उनके ड्राइवर (जिसकी पहचान मिश्रा के तौर पर हुई है) को आरोपी बनाया गया है. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है.

रीवा जिले के रहने वाले शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर ने 25 जून को नीलबाद स्थित परिवार के बंगले में रसोइए के तौर पर काम शुरू किया था. विपेंद्र का आरोप है कि उन्हें खाने-पीने और रहने की सुविधा के साथ 15,000 रुपए महीने की सैलरी देने का वादा किया गया था.

पीड़ित ने अपनी लिखित शिकायत में कहा, “सैलरी, खाने और रहने की सुविधा का भरोसा मिलने के बाद मैं वहां काम करने के लिए तैयार हो गया और उनके घर पर ही रहने लगा.”

तोमर ने आरोप लगाया कि बाद में उनसे कहा गया कि उनके काम में कमियां हैं और उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया. उन्होंने पुलिस को बताया, “28 जून को नाश्ता बनाने के बाद मैंने शैलेश सिंह से अपना मोबाइल फोन वापस मांगा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. इससे परेशान होकर मैं अपने कमरे में चला गया.”

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि “शैलेश सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और उनके ड्राइवर मेरे कमरे में आए, मुझे अपशब्द कहे और हाथों व घूंसों से मारपीट करने लगे. मुझे पीटने के बाद, उन्होंने मुझे जबरदस्ती घर से बाहर निकाल दिया.”

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने उनके मोबाइल फोन से 1,000 रुपए ट्रांसफर किए, यह कहते हुए कि यह खाने और रहने के खर्च के लिए थे. तोमर ने अपने बयान में कहा, “घटना के बाद, मैं शिकायत दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई की मांग करने के लिए अपने रिश्तेदारों के साथ पुलिस स्टेशन आया.”

शशांक सिंह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हैं, जबकि उनके पिता शैलेश सिंह मध्य प्रदेश पुलिस के रिटायर्ड स्पेशल डीजी हैं.

पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है. ने रिटायर आईपीएस अधिकारी शैलेश सिंह से भी प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, हालांकि, अभी तक कोई बयान नहीं मिला है.

आरएसजी/एबीएम