
पटना, 30 जून . अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए 17 साल से तैनात आरएमओ अर्जुन देव का तबादला कर दिया गया है. मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है और अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जा चुकी है. इस पूरे प्रकरण पर जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार नीरज कुमार ने से खास बातचीत की.
नीरज कुमार ने कहा कि यदि प्रभु श्रीराम के नाम पर चढ़ाए गए दान में हेराफेरी हुई है, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि एसआईटी का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है ताकि पूरी पारदर्शिता के साथ जांच हो सके. जांच एजेंसी को सभी संबंधित पक्षों, प्रशासनिक अधिकारियों और वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े लोगों से पूछताछ करने का पूरा अधिकार है और कोई भी व्यक्ति जांच के दायरे से बाहर नहीं है.
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध होगी, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई तय है और जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि आर्थिक अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बचाने का सवाल ही नहीं उठता.
इस बीच, मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है. जानकारी के अनुसार, एसबीआई समेत छह बैंकों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनसे चढ़ावे की रकम के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और कर्मचारियों की सूची मांगी गई है. नीरज कुमार ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से धन का लेन-देन हुआ है, तो सभी संबंधित कर्मचारी और अधिकारी जांच के दायरे में आएंगे. उन्होंने कहा कि एसआईटी को यह अधिकार है कि वह सभी संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर पूछताछ करे और तथ्यों की गहराई से जांच करे.
वहीं, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि ट्रस्ट सच्चाई सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है और अब तक लगभग 80 लाख रुपये की रिकवरी भी की गई है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि जांच एजेंसियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं और सरकार ने इस मामले में किसी भी प्रकार की आर्थिक अनियमितता को छिपाने का प्रयास नहीं किया है, बल्कि समय रहते कार्रवाई की है.
अयोध्या में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को हाउस अरेस्ट किए जाने के मामले पर नीरज कुमार ने कहा कि कुछ नेताओं को बार-बार हिरासत में जाने की आदत हो गई है. आपको मुद्दों पर बहस करनी चाहिए. ऐसा नहीं है कि घटनास्थल पर जाकर आप रुपयों की निकासी करवा देंगे या डिपॉजिट देंगे. अगर आपके पास कुछ तथ्य और साक्ष्य हैं, तो एसआईटी को देना चाहिए.
ओवैसी द्वारा यह आरोप लगाए जाने पर कि यदि आरोपी मुस्लिम होता तो एनकाउंटर कर दिया जाता, नीरज कुमार ने कहा कि इस तरह के बयान समाज में उन्माद फैलाने वाले हैं. उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और कार्रवाई अपराध के आधार पर होती है, न कि धर्म के आधार पर.
नीरज कुमार ने ओवैसी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने भाजपा को हराने के लिए किसी भी पार्टी से गठबंधन की बात कही थी. नीरज कुमार ने कहा कि यह उनका राजनीतिक दृष्टिकोण है, लेकिन देश की राजनीति में उनके बयानों को अधिक गंभीरता से नहीं लिया जाता.
राम मंदिर चढ़ावा मामले में बार एसोसिएशन द्वारा आरोपियों की पैरवी से इनकार करने के निर्णय पर नीरज कुमार ने कहा, “मैं इसे वकालत के पेशे में नैतिकता का शुभ गृह प्रवेश मानता हूं. अगर भ्रष्टाचारी के पक्ष में कोई खड़ा नहीं होना चाहता है, तो यह शुभ संकेत है. लेकिन यह मापदंड केवल राम मंदिर में चढ़ावा मामले में नहीं, बल्कि जो भ्रष्टाचारी है, दुराचारी है, अपराधी है, राजनीतिक अपराधी है, ऐसे मामले में भी बार एसोसिएशन को फैसला लेना चाहिए कि ऐसे मुकदमे की भी पैरवी नहीं करेंगे.”
वहीं भोजपुर एनकाउंटर मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर Supreme Court में सुनवाई पर नीरज कुमार ने कहा कि यह एक न्यायिक विषय है और राज्य सरकार ने पहले ही एक पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच आयोग का गठन किया है. उन्होंने कहा कि सभी तथ्य Supreme Court के समक्ष रखे जाएंगे और जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से आगे बढ़ रही है.
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पीआईएम/एएस