
भागलपुर, 1 जुलाई . सुल्तानगंज में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला 2026 को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं. भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग और गंगा के बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना तैयार की गई है. लगभग 4 से 5 हजार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती का प्रस्ताव किया गया है.
प्रमोद कुमार यादव ने बुधवार को से बातचीत में कहा कि श्रावणी मेला निस्संदेह एक बहुत बड़ा पर्व है. पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी यह एक बहुत बड़ा बंदोबस्त होता है. केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भीड़ का सुरक्षित और व्यवस्थित प्रबंधन भी बेहद महत्वपूर्ण है. जिला पदाधिकारी के साथ लगातार तीन-चार बार मेले क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है और हाल ही में भी संयुक्त रूप से दौरा किया गया. निरीक्षण के दौरान घाटों की सीढ़ियों, पानी की गहराई, ढलान और अन्य सुरक्षा संबंधी बिंदुओं का आकलन किया गया. साथ ही, इस बात पर भी ध्यान दिया गया कि मेले की शुरुआत के लगभग एक सप्ताह बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने लगता है, जिससे आसपास के कई क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर मिट्टी का स्तर ऊंचा किया जा रहा है और व्यवस्थाओं को पहले से अधिक बेहतर बनाया जा रहा है.
एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी. इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों का भी व्यापक उपयोग होगा. भीड़ के सुचारु संचालन और लाइन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई स्थानों की पहचान की गई है, जहां बीच में रेलिंग लगाने, अवरोध हटाने और रास्तों को समतल करने का काम किया जाएगा. अजगैबीनाथ मंदिर परिसर में कुछ स्थान ऐसे हैं, जहां प्रवेश द्वार काफी संकरे हैं. निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी मिली कि पिछले वर्ष एक स्थान पर बने पाए में फंसकर एक-दो महिला श्रद्धालु गिर गई थीं, जिससे उन्हें चोट भी आई थी. ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है ताकि इस बार पहले से आवश्यक सुधार किए जा सकें.
प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि मेले के दौरान पैदल गश्ती, बाइक पेट्रोलिंग और घुड़सवार दस्ते की भी तैनाती रहेगी. इसके अलावा, थाना क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्ते और रेलवे स्टेशन के आसपास के कुछ ऐसे इलाकों की पहचान की गई है, जहां अंधेरा रहता है और स्टेशन से आने वाले श्रद्धालुओं को कई बार चोर-उचक्के निशाना बनाकर छिनैती की कोशिश करते हैं. इन स्थानों के लिए भी अलग से सुरक्षा योजना तैयार की गई है.
उन्होंने कहा कि बाइक टीम के साथ-साथ अतिरिक्त लाइटिंग की व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है. सुरक्षा से जुड़े छोटे-छोटे सभी मुद्दों पर काम किया जा रहा है ताकि व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जा सके. मेले के दौरान पुलिस बल और अधिकारी एक महीने से अधिक समय तक वहीं तैनात रहेंगे. उनके लिए महिला पुलिसकर्मियों के शौचालय, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर भी बैठक की गई है. अधिकांश व्यवस्थाएं लगभग तय कर ली गई हैं और जल्द ही औपचारिक रिक्विजिशन भेजा जाएगा. यदि सुरक्षा से जुड़े अन्य कोई बिंदु सामने आते हैं तो उनके अनुसार भी बेहतर प्रबंधन किया जाएगा. इस बार श्रावणी मेला बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा.
जब उनसे सुरक्षा बल की संख्या के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है. इसे देखते हुए लगभग 50 प्रतिशत अधिक सुरक्षा बल की मांग की गई है. करीब 4,000 से 5,000 पुलिस बल और अधिकारियों की तैनाती के लिए रिक्विजिशन भेजा जा रहा है. हालांकि, अंतिम संख्या का आकलन अभी किया जा रहा है और इसमें थोड़ा-बहुत परिवर्तन संभव है. जितनी संख्या सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त होगी, उतनी ही तैनात की जाएगी ताकि पूरे मेले के दौरान बिना किसी अनहोनी के सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें.
ट्रैफिक और जाम की स्थिति से निपटने की तैयारियों पर उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष योजना बनाई गई है. हाईवे स्थित बाबा चौक के पास पार्किंग बनाई जाएगी और वहां से श्रद्धालुओं को तिपहिया एवं छोटे वाहनों के माध्यम से कृष्णगढ़ चौक तक पहुंचाया जाएगा. यदि भीड़ कम होगी तो आवश्यकता के अनुसार वाहनों को थोड़ा आगे तक भी जाने दिया जा सकता है. विशेष रूप से सोमवारी और उसके एक दिन पहले जब श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है, उस समय वाहनों को पहले ही रोक दिया जाएगा और आगे छोटे वाहनों से लोगों को भेजा जाएगा. इसके अलावा, सड़कों पर पेंटिंग और व्हाइटनिंग कराई जाएगी ताकि लोगों को सुविधा मिले. सड़क किनारे दुकानदारों के लिए येलो लाइन निर्धारित की जाएगी, जिसके भीतर ही उन्हें अपना सामान रखना होगा ताकि सड़क अधिक से अधिक खाली रहे.
एसएसपी ने आगे कहा कि इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी भगदड़ जैसी स्थिति न बने और किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी न हो. जो भी श्रद्धालु गंगा स्नान और जल भरने के लिए आएंगे, वे आसानी से घाट तक पहुंच सकें, स्नान और पूजा-अर्चना के बाद जल लेकर सुरक्षित रूप से बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो सकें. प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर और प्रभावी सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह आश्वस्त है.
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पीएसके