राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस: चिकित्सा पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम: सुरेश खन्ना

लखनऊ, 1 जुलाई . राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (नेशनल डॉक्टर्स डे) के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजिनी नगर में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और चिकित्सक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों की भूमिका को समाज के लिए अमूल्य बताते हुए कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है.

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “डॉक्टरों का कार्य लोगों के जीवन की रक्षा करना है और इसी कारण समाज उन्हें भगवान का स्वरूप मानता है. विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा आयोजित यह गोष्ठी स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए उपयोगी साबित होगी. ऐसे आयोजनों में विशेषज्ञों के विचार और सुझाव सामने आते हैं, जिन्हें सरकार गंभीरता से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है. राज्य में बड़ी संख्या में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जबकि मेडिकल शिक्षा में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है. स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट लगातार बढ़ाया गया है, ताकि प्रदेश का कोई भी नागरिक आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न रहे.”

सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है. उन्होंने डॉक्टरों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जब किसी मरीज की जान बचती है तो उसके लिए डॉक्टर ही भगवान का रूप बन जाते हैं. उन्होंने सभी चिकित्सकों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं भी दीं.

वहीं, सरोजिनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “चिकित्सा विज्ञान की बदौलत दुनिया ने पोलियो और स्मॉल पॉक्स जैसी गंभीर बीमारियों पर विजय प्राप्त की है. आजादी के समय देश में औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 35 वर्ष थी, जो अब बढ़कर करीब 70 वर्ष हो चुकी है. इसके पीछे डॉक्टरों और चिकित्सा विज्ञान का महत्वपूर्ण योगदान है.”

उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान डॉक्टरों द्वारा निभाई गई भूमिका को याद करते हुए कहा, “अनेक चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की और कई डॉक्टरों ने अपने प्राण भी न्योछावर कर दिए. ऐसे चिकित्सा योद्धाओं का सम्मान जितना किया जाए, उतना कम है.”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजिनी नगर को उत्तर प्रदेश की ‘हेल्थ कैपिटल’ और लखनऊ को देश की ‘हेल्थ कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य भी रखा. उन्होंने कहा, “मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक अस्पतालों का विकास, बायोमेडिकल वेस्ट का प्रभावी प्रबंधन, सौर ऊर्जा का उपयोग और वर्षा जल संचयन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. भविष्य का स्वास्थ्य ढांचा आधुनिक, टिकाऊ और जनहित केंद्रित होना चाहिए.”

एससीएच/डीकेपी