
ग्रेटर नोएडा, 2 जुलाई . ग्रेटर नोएडा के थाना बादलपुर क्षेत्र में स्थित ग्राम कचेड़ा के एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के लेबर कैंप में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. आग इतनी तेजी से फैली कि मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए कई टीन शेड देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गए. हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी मजदूर समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. आग में मजदूरों का घरेलू सामान, कपड़े, बर्तन और अन्य आवश्यक सामग्री पूरी तरह जलकर राख हो गई.
जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना बुधवार रात लगभग 10:50 बजे फायर सर्विस को मिली. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की कुल छह गाड़ियों को मौके पर लगाया गया. इनमें से तीन फायर टेंडरों ने लगातार करीब 45 मिनट तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया. आग बुझने के बाद पूरे क्षेत्र में राहत कार्य चलाया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं दोबारा आग न भड़क उठे.
जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि ग्राम कचेड़ा में एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा लगभग 60 मजदूरों के रहने के लिए टीन शेड का अस्थायी लेबर कैंप बनाया गया था. मजदूर इन्हीं झोपड़ीनुमा टीन शेडों में रहते थे और छोटे घरेलू गैस सिलेंडरों पर भोजन तैयार करते थे. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक झोपड़ी में रखे छोटे गैस सिलेंडर से गैस रिसाव हुआ, जिसके बाद आग लग गई. कुछ ही देर में सिलेंडर फट गया और आग तेजी से आसपास बने टीन शेडों तक फैल गई.
आग के दौरान कई छोटे गैस सिलेंडरों में विस्फोट भी हुए, जिससे आग की तीव्रता और बढ़ गई. देखते ही देखते दो टीन शेड पूरी तरह जलकर राख हो गए. मजदूरों ने किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफलता हासिल की, लेकिन वे अपना सामान नहीं बचा सके. आग में उनके दैनिक उपयोग का अधिकांश सामान नष्ट हो गया.
चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप चौबे ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस ने तत्काल संयुक्त अभियान चलाया. फायर सर्विस की छह गाड़ियों की मदद से आग को पूरी तरह बुझा दिया गया. इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो सबसे बड़ी राहत की बात है. फिलहाल दमकल विभाग आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है. प्रारंभिक जांच में घरेलू गैस सिलेंडर से गैस रिसाव और उसके बाद हुए विस्फोट को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है.
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पीकेटी/डीकेपी