पुराने और नए बॉलीवुड एक्टर्स में क्या है असली फर्क? अरशद वारसी ने एक किस्से के जरिए समझाया

मुंबई, 2 जुलाई . बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी अपनी सादगी और चुलबुले अंदाज के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में उन्होंने से बॉलीवुड में काम करने के बदलते तरीके पर अपने अनुभव साझा किए और पुराने व नए कलाकारों के बीच फर्क को समझाया. उन्होंने कहा कि शूटिंग के सेट पर उनका तरीका हमेशा से सीधा और फोकस्ड रहा है जबकि आज की नई पीढ़ी का नजरिया थोड़ा अलग है.

ने जब अरशद वारसी से इंटरव्यू में बॉलीवुड के बदलते वर्क कल्चर को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए कहा, ”एक बार मैं किसी फिल्म की शूटिंग कर रहा था, जहां मुझे लगातार कई स्टंट करने थे. इस दौरान मैंने बिना ज्यादा ब्रेक लिए अपने सारे सीन पूरे किए. उस समय मेरा पूरा ध्यान सिर्फ काम पर था. मेरे लिए काम का मतलब था लगातार परफॉर्म करना और सेट पर मौजूद रहना.”

उन्होंने बताया, “सीन पूरे करते देख डायरेक्टर मेरे काम से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने मेरे काम की तारीफ भी की. इसी बातचीत के दौरान डायरेक्टर ने मजाकिया अंदाज में नए कलाकारों का जिक्र भी किया. उन्होंने मुझसे कहा कि आजकल के नए कलाकार थोड़े अलग तरीके से काम करते हैं. वे दो-चार स्टेप्स या थोड़ा सा काम करने के बाद तुरंत आराम के लिए चले जाते हैं.”

अरशद वारसी ने अनुभव को साझा करते हुए कहा, ”पुराने और नए एक्टर्स के बीच फर्क जरूर है लेकिन इसे गलत या सही के तौर पर नहीं देखा जा सकता. हर दौर के कलाकार अपनी परिस्थितियों और जरूरतों के हिसाब से काम करते हैं. पुराने समय में जहां शूटिंग का माहौल अलग होता था, वहीं आज के समय में तकनीक, प्रेशर और काम का स्तर काफी बदल गया है.”

उन्होंने कहा, ”आज के नए एक्टर्स पर काफी दबाव होता है. उनके करियर में बहुत कुछ दांव पर लगा होता है, इसलिए वे अपने शरीर और फिटनेस का ज्यादा ध्यान रखते हैं. यह सावधानी उन्हें लंबे समय तक इंडस्ट्री में टिके रहने में मदद करती है. वहीं पुराने कलाकार ज्यादा सादा और लगातार काम करने वाले माहौल से आते थे, जहां ब्रेक की सोच उतनी ज्यादा नहीं होती थी.”

वर्कफ्रंट की बात करें तो अरशद वारसी जल्द ही फिल्म ‘धमाल 4’ में नजर आने वाले हैं. इस कॉमेडी फ्रेंचाइजी के चौथे पार्ट को इंद्र कुमार डायरेक्ट कर रहे हैं.

पीके/पीएम