किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे, कई आंदोलनों की तैयारी में भाजपा: बीवाई विजयेंद्र

मैसूरु, 2 जुलाई . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को कहा कि हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में क्रॉस-वोटिंग को लेकर हुआ विवाद सुलझ गया है और यह मामला अब खत्म हो चुका है.

उनका यह बयान विधान परिषद चुनावों के बाद कर्नाटक भाजपा में अंदरूनी मतभेदों की अटकलों के बीच आया है, जहां क्रॉस-वोटिंग की खबरों ने राजनीतिक बहस छेड़ दी थी.

उन्‍होंने वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा से जुड़ी कथित ऑडियो क्लिप के बारे में कहा कि गौड़ा ने खुद इस मामले पर सफाई दे दी है.

विजयेंद्र ने कहा, “सदानंद गौड़ा ने साफ तौर पर कहा है कि ऑडियो क्लिप में सुनाई दे रही आवाज उनकी नहीं है. उन्होंने खुद ही सब कुछ स्पष्ट कर दिया है.” राज्य भाजपा प्रमुख ने दोनों ही मुद्दों पर और विस्तार से बात नहीं की.

पार्टी के कुछ नेताओं की टिप्पणियों पर विजयेंद्र ने कहा कि उन्होंने भाजपा एमएलसी एच. विश्वनाथ से भी बात की है. उन्‍होंने कहा कि अंदरूनी मतभेदों के बावजूद पार्टी अपने संगठन को मजबूत करना जारी रखेगी. हम इन चुनौतियों के बावजूद अपने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं और संगठनात्मक काम जारी रखे हुए हैं.

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल हुई है, जिसमें कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को बीवाई विजयेंद्र को कर्नाटक भाजपा प्रमुख के पद से हटाने के बारे में चर्चा करते हुए सुना जा सकता है. इस क्लिप ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और राज्य भाजपा इकाई के भीतर अंदरूनी मतभेदों की अटकलों को हवा दी है.

विजयेंद्र ने किसानों पर प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट थोपने की कोशिश करने का कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से आग्रह किया कि वे ‘मनमानी’ करने के बजाय किसानों से बातचीत करें.

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के तुरंत बाद डीके शिवकुमार ने जल्दबाजी में बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट शुरू किया और किसानों पर अपनी खेती की जमीन छोड़ने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया.

उन्होंने आरोप लगाया, “मैं और हमारे विपक्ष के नेता प्रोजेक्ट वाली जगह पर गए थे. एक तरफ, सरकार का दावा है कि 80 प्रतिशत किसानों ने बिदादी टाउनशिप के लिए अपनी सहमति दे दी है. लेकिन असलियत यह है कि लगभग 70 से 80 प्रतिशत किसान इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं. सरकार उपजाऊ खेती की जमीन हासिल करने की कोशिश कर रही है, जो उनकी आजीविका का साधन है.”

विजयेंद्र ने कहा, “मुख्यमंत्री को मनमानी करने के बजाय किसानों से बातचीत करनी चाहिए. सरकार को ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए जिनसे उन्हें अपनी जमीन से बेदखल होना पड़े.”

उन्होंने कहा, “सदन में इस मुद्दे पर निश्चित रूप से चर्चा होगी. सरकार इस रवैये के साथ आगे बढ़ रही है कि उसने जो कुछ भी किया है, वह सही है. हम इस मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग करेंगे.”

विजयेंद्र ने यह भी कहा कि भाजपा कई मुद्दों पर अपना आंदोलन जारी रखेगी, जिनमें मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन (एसआईआर), गृह लक्ष्मी योजना घोटाला और किसानों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं.

उन्होंने कहा, “एक तरफ, एसआईआर प्रक्रिया चल रही है. दूसरी तरफ, हम कथित गृह लक्ष्मी घोटाले को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. हम किसानों के समर्थन में भी आंदोलन की योजना बना रहे हैं.”

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