प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान आर्थिक मंच पर रखा भविष्य का विजन

नई द‍िल्‍ली, 3 जुलाई . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए दोनों देशों के मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक रिश्तों पर जोर दिया. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की बात कही.

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान जॉइन्ट इकनॉमिक फोरम को संबोध‍ित करते हुए कहा क‍ि आपके साथ यहां मंच में उपस्थित होना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है.

पीएम ने कहा क‍ि यहां मौजूद कई कंपनियां दशकों से भारत के साथ जुड़ी हुई हैं. कुछ तो एक सदी से भी ज्यादा समय से भारत की विकास यात्रा का हिस्सा रही हैं. और जो नए साझेदार इस मंच से जुड़ रहे हैं, मैं उन्हें भारत-जापान की इस सफलता की कहानी का हिस्सा बनने पर दिल से बधाई देता हूं.

पीएम मोदी ने कहा क‍ि भारत और जापान का रिश्ता वाकई बहुत खास है. हमारी आर्थिक साझेदारी की कई शानदार मिसालें हैं. अभी थोड़ी देर पहले हमने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया. आज सुजुकी की दुनिया भर में बनने वाली करीब दो-तिहाई गाड़ियां भारत में बनती हैं और 100 से ज्यादा देशों में निर्यात होती हैं.

संबोधन के दौरान ही प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम ताकाइची से कहा, ”मुझे बताया गया है कि आपको मोटर बाइक का बहुत शौक है.”

पीएम ने कहा कि हमें खुशी है कि कावासाकी, यामाहा और होंडा जैसी कंपनियों की भारत में बनी मोटरसाइकिलें आज दुनिया भर के बाजारों में जा रही हैं. इसी तरह, चाहे एयर कंडीशनर हों, बिजली ग्रिड उपकरण हों या मेडिकल टेक्नोलॉजी, जब जापान की विशेषज्ञता और निवेश भारत की गति और पैमाने के साथ मिलते हैं, तो इसका फायदा पूरी दुनिया को होता है.

प्रधानमंत्री ने कहा क‍ि आज पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था सप्लाई चेन की दिक्कतों, व्यापार में अनिश्चितता और मांग में कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है. लेकिन जैसा कहा जाता है, जब हालात कठिन होते हैं, तब मजबूत लोग और मेहनत करते हैं. भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है. पिछले वित्तीय वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7 प्रतिशत रही. इतना ही नहीं, पिछले 12 सालों में हमने लगातार सुधारों के जरिए भारत की आर्थिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया है.

उन्‍होंने कहा क‍ि कुछ महीने पहले ही हमने टैक्स, शासन और बिजनेस करने में आसानी से जुड़े कई नए सुधार लागू किए हैं. हमने अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर को निजी भागीदारी के लिए और ज्यादा खोला है. साथ ही, कई अहम क्षेत्रों में प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं, जिससे आप सभी के लिए नए अवसर बन रहे हैं. इसी वजह से जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के सर्वे में भारत लगातार चौथे साल जापानी कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक जगह बना हुआ है.

उन्होंने कहा क‍ि आज मैं आपके साथ एक नई पहल भी साझा करना चाहता हूं. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) एक विशेष “जापान ब‍िजनेस वीक” आयोजित करेगा. इस दौरान पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी आपसे सीधे मिलेंगे, आपकी बातें सुनेंगे और भारत में व्यापार करना और आसान बनाने पर गहराई से चर्चा करेंगे, ताकि जापानी निवेश और साझेदारी और बढ़ सके.

एवाई/एबीएम