
अयोध्या, 5 जुलाई . अयोध्या के तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने श्रीराम चढ़ावा विवाद के बीच बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के इशारे पर कुछ लोगों ने चढ़ावा चोरी की है. महंत ने विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) निर्दोष है. अयोध्या को इंडिया गठबंधन षड्यंत्र के तहत बदनाम कर रहा है.
तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने से बातचीत के दौरान कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव इल्म बताते रहे और टिन्नू यादव माल उड़ाते रहे. इंडिया गठबंधन का बड़ा षड्यंत्र सामने आया है. राम मंदिर बनने के बाद कॉल रिकॉर्ड से सामने आया कि अखिलेश यादव की टिन्नू यादव से 980 बार बात हुई है.
महंत ने कहा कि एक और बात यह है कि राम मंदिर के मामलों में सरकार का कोई दखल नहीं होना चाहिए. अगर भविष्य में कोई ऐसी सरकार आती है जो धर्म के खिलाफ हो, तो हो सकता है कि वह राम मंदिर और सनातन धर्म की मूल भावना के साथ न्याय न कर पाए.”
उन्होंने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) निर्दोष हैं. इनको बदनाम करने के लिए इंडिया गठबंधन ने षड्यंत्र रचा था. राम मंदिर आस्था का केंद्र है, लोगों ने श्रीराम मंदिर बनने के लिए चंदा दिया था और भव्य मंदिर तैयार हो गया है.
परमहंस आचार्य ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इशारे पर चंद लोगों के द्वारा चढ़ावा चुराया गया. यह सनातन धर्म को बदनाम करने का विपक्ष का षड्यंत्र है. मंदिर में भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहना चाहिए, जिससे विरोध करने वालों के मुंह पर तमाचा लगे. चंपत राय के साथ संत समाज पहले भी था और आज भी है.
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एएसएच/पीएम