त्रिपुरा और बंगाल में कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की 1.11 लाख बोतलें जब्त

नई दिल्ली/कोलकाता, 5 जुलाई . डीआरआई ने नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में दो अलग ऑपरेशन में कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की 1.11 लाख बोतलें जब्त कीं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया.

अधिकारी ने एक बयान में कहा कि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) के अधिकारियों ने 2 जुलाई को अगरतला जाने वाली ट्रेन की पार्सल वैन में ले जाए जा रहे एक कंसाइनमेंट को रोका और एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत उसे जब्त कर लिया.

यह प्रतिबंधित सामान चालाकी से मेटल के 80 ड्रमों में पाउडर जैसे पदार्थ की एक परत के नीचे छिपाकर रखा गया था, जिसका इस्तेमाल कवर कार्गो के तौर पर किया गया था.

बयान के मुताबिक, कोडीन बेस्ड कफ सिरप की कुल 55,626 बोतलें जब्त की गईं. यह ऑपरेशन रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और असम राइफल्स की मदद से चलाया गया. कंसाइनमेंट की डिलीवरी लेने आए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया.

बयान में कहा गया है कि इसी दौरान एक अन्य ऑपरेशन में डीआरआई अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के डंकुनी में एक गोदाम की तलाशी ली, जहां 104 सीलबंद लोहे के ड्रमों से कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की 56,225 बोतलें बरामद की गईं.

पकड़े जाने से बचने के लिए बोतलों को ड्रमों के अंदर चाइना क्ले पाउडर की एक परत के नीचे छिपाया गया था. इसमें कहा गया है कि पूरी खेप को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया.

कुल मिलाकर इन दो ऑपरेशन में कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की लगभग 1.11 लाख बोतलें जब्त की गईं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया.

दरअसल, कोडीन अफीम से बना एक पदार्थ है. इसका इस्तेमाल रेगुलेटेड फार्मास्युटिकल दवाओं में सही इलाज के लिए किया जाता है. हालांकि, कोडीन-बेस्ड कफ सिरप अक्सर ड्रग तस्करी करने वाले नेटवर्क के निशाने पर रहते हैं क्योंकि गलत इस्तेमाल के लिए डायवर्ट किए जाने पर इनका दुरुपयोग हो सकता है.

डीआरआई ने कहा कि ये जब्ती दिखाती है कि संगठित तस्करी सिंडिकेट नशीले पदार्थों वाली फार्मास्युटिकल दवाओं को तस्करी के लिए डायवर्ट करने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं, जिसके लिए वे छिपाने के नए-नए तरीके अपनाते हैं.

एएसएच/वीसी