बाल सुरक्षा जागरूकता माह: दिल्ली पुलिस ने बच्चों को सिखाए आत्मरक्षा और साइबर सुरक्षा के गुर

नई दिल्ली, 5 जुलाई . दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिले ने बाल सुरक्षा जागरूकता माह के तहत रविवार को तिहाड़ स्थित निर्मल छाया में बाल कल्याण एवं विकास कार्यक्रम का आयोजन किया. यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग (जीएनसीटीडी) और अनमोल सहारा एनजीओ के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले 120 बच्चों ने भाग लिया.

यह कार्यक्रम दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू के निर्देशों के तहत 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक मनाए जा रहे बाल सुरक्षा जागरूकता माह के अंतर्गत आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य संस्थागत देखभाल में रह रहे बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता, आत्मरक्षा और समग्र विकास को बढ़ावा देना था.

कार्यक्रम में एसीपी राजौरी गार्डन शरत चंद्र, महिला एवं बाल विकास विभाग की पश्चिम जिला अधिकारी प्रमिला छिब्बर, निर्मल छाया की अधीक्षक नीति, एसएचओ हरि नगर, सीएडब्ल्यू सेल की इंस्पेक्टर, पीएमएमसी शाखा के प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कक्कड़ सहित पश्चिमी जिले के कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.

इस दौरान दिल्ली पुलिस की पीएमएमसी शाखा और अनमोल सहारा एनजीओ की एकता गुप्ता ने बच्चों के लिए कई जागरूकता और प्रशिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया. बच्चों को गुड टच-बैड टच, पॉक्सो अधिनियम, आत्मरक्षा के तरीके, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम 112, साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और बच्चों की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई.

इसके अलावा बच्चों के लिए पेंटिंग, रचनात्मक गतिविधियां और प्रेरणादायक संवाद सत्र भी आयोजित किए गए, ताकि उनमें आत्मविश्वास बढ़े और वे अपनी प्रतिभा को खुलकर प्रस्तुत कर सकें.

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुलिस अधिकारियों तथा विशेषज्ञों से खुलकर बातचीत की. बाल-अनुकूल वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था.

निर्मल छाया के अधिकारियों और अनमोल सहारा एनजीओ के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की सराहना की. दिल्ली पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी बच्चों की सुरक्षा और उनके समग्र विकास के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेंगे.

एएमटी/वीसी