सुरक्षा को लेकर सियासत: भाजपा बोली-कोई ममता पर अंडे न फेंके; तृणमूल का दावा-रेप पीड़िता के परिजनों से मिलने से रोका

कोलकाता, 6 जुलाई . पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास के बाहर सोमवार को भारी पुलिस बल तैनात रहा. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि यह सुरक्षा व्यवस्था ममता बनर्जी को बारुईपुर की 11 वर्षीय दुष्कर्म-हत्या पीड़िता के परिजनों से मिलने जाने से रोकने के उद्देश्य से की गई थी. वहीं, भाजपा का कहना है कि यह इंतजाम केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है.

रविवार रात से शुरू हुई सुरक्षा व्यवस्था के बाद सोमवार को भी ममता बनर्जी के आवास की ओर जाने वाली गली के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, केंद्रीय सुरक्षा बल और कई सरकारी वाहन तैनात रहे.

असामान्य रूप से भारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इसकी आवश्यकता और पैमाने पर सवाल उठाए.

तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि यह सुरक्षा घेरा ममता बनर्जी को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर जाने से रोकने के लिए बनाया गया था, जहां एक नाबालिग लड़की का शव बरामद होने और उसके बाद हुई हिंसा के चलते तनाव व्याप्त है.

मंत्री दिलीप घोष ने संवाददाताओं से कहा, “वह (ममता बनर्जी) लगातार सड़कों पर घूमती रहती हैं. उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई उन पर अंडे न फेंक सके.”

तृणमूल कांग्रेस के नेता बैसवानोर चटर्जी ने से कहा, “ममता बनर्जी निकलने के लिए तैयार थीं, लेकिन उन्हें जाने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात कर बैरिकेड लगा दिए गए.”

यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची की मौत को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी जनाक्रोश है. रविवार को बारुईपुर के सूर्यापुर हाट इलाके में बच्ची का शव एक बोरे के अंदर मिला था. इसके एक दिन पहले उसके लापता होने की सूचना दर्ज कराई गई थी.

इस वीभत्स घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. आक्रोशित लोगों ने सड़कें जाम कर दीं, टायर जलाए और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की. प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

बाद में स्थिति हिंसक हो गई, जब भीड़ ने कथित तौर पर इस अपराध में शामिल एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी. पुलिस ने अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है और कहा है कि मामले की जांच जारी है.

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