बांकीपुर उपचुनाव से पहले मनन मिश्रा का प्रशांत किशोर पर तंज, बोले-जमानत बचाना भी बड़ी बात होगी

पटना, 6 जुलाई . बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव होगा. इस सीट को भाजपा का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहां पार्टी का लंबे समय से कब्जा रहा है. हालांकि, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर इस सीट से चुनाव लड़ेंगे और उन्होंने भाजपा के इस मजबूत किले में सेंध लगाने का दावा किया है. उन्होंने कहा है कि जनता उनके साथ है. दूसरी ओर, भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर वे अपनी जमानत भी बचा ले पाए तो यह उनके लिए बहुत बड़ी बात होगी. भाजपा सांसद का दावा है कि किशोर अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे.

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने कहा कि प्रशांत किशोर की पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 लड़ चुकी है. प्रशांत किशोर ने 200 से ज्यादा उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन नतीजे सबके सामने हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव का परिणाम क्या होगा, प्रशांत किशोर को भी पता है और पूरे बिहार को भी. इसलिए इसमें कुछ नया नहीं है.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशांत किशोर अपनी जमानत बचा पाए तो यह उनके लिए बहुत बड़ी बात होगी.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भी मनन मिश्रा ने बताया कि आज ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है. इस बैठक में चंपत राय के इस्तीफे पर विचार किया जाएगा. अगर इस्तीफा मंजूर हो गया तो आगे क्या विकल्प होंगे, ट्रस्ट को कैसे संभाला जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इस पर भी चर्चा होगी.

उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसा बोर्ड को खत्म करने के फैसले का भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने स्वागत किया. उन्होंने इसे मुसलमानों के लिए अच्छा फैसला बताया. उन्होंने कहा, “मदरसों में पढ़ाई-लिखाई का काम सही नहीं होता था. वहां देश विरोधी बातें पढ़ाई जाती थीं. अब बच्चों का मानसिक विकास होगा. उन्हें सही और आधुनिक शिक्षा मिलेगी.”

उन्होंने आगे कहा कि मदरसा बोर्ड में पढ़ने वाले कई बच्चों को यह तक पता नहीं था कि हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री कौन है. धामी सरकार ने सही और जरूरी फैसला लिया है.

भाजपा विधायक राजू सिंह को चार साल की सजा मिलने पर मनन मिश्रा ने कहा कि कानून ने अपना काम किया है. कोर्ट ट्रायल के दौरान पेश किए गए सबूतों की जांच के बाद अपना फैसला सुनाता है. उन्हें अब चार साल और दो महीने की सजा सुनाई गई है. उनके पास अपील करने का विकल्प है और वे इस मामले को Supreme Court तक ले जा सकते हैं.

डीकेएम/वीसी