
इस्लामाबाद, 6 जुलाई . पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में लोगों ने शटर-डाउन स्ट्राइक की और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के बुलाए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया. इस दौरान कई इलाकों, खासकर मीरपुर जिले में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं.
सूत्रों और लोगों ने बताया कि रविवार को मीरपुर जिले के ददयाल शहर में हुई झड़पों में कुछ पुलिसवालों समेत करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए. झड़पें सबसे पहले ददयाल के अंब गांव में शुरू हुईं. गवाहों के मुताबिक, झड़पों में कम से कम तीन लोग घायल हुए. पाकिस्तानी अखबार डॉन ने बताया कि शाम को एक और झड़प हुई, जिसके बाद एक और गंभीर रूप से घायल प्रदर्शनकारी को मीरपुर के हॉस्पिटल ले जाया गया.
मीरपुर डिविजनल हेडक्वार्टर हॉस्पिटल के अधिकारियों ने डॉन से कहा कि उन्हें चार घायल लोग मिले हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है.
मीरपुर जिले के खलीकाबाद इलाके में महिलाओं ने प्रदर्शन किया. इस्लामगढ़ और चकसवारी में भी ऐसे ही विरोध प्रदर्शन हुए लेकिन किसी हिंसा की खबर नहीं है. भीमबेर में समाहनी घाटी में तीन जगहों पर पुरुषों और महिलाओं के एक ग्रुप ने विरोध प्रदर्शन किया. बरनाला सबडिवीजन के मोयेल गांव में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया.
मुजफ्फराबाद में लगभग सभी मार्केट बंद रहे. पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने और प्राइवेट गाड़ियों की आवाजाही कम होने की वजह से सड़कें सुनसान रहीं.
मुजफ्फराबाद के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया. हालांकि, एयरपोर्ट चौक पर झड़पें हुईं, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस मार्च में करीब एक दर्जन महिलाएं भी शामिल थीं, जो कथित तौर पर घन चत्तर गांव से आई थीं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने चार पुरुषों और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया.
मौके के वीडियो में सड़क किनारे एक खाई में करीब एक दर्जन मोटरसाइकिल और कुछ फर्नीचर पड़े दिखे और झड़प के बाद सड़क पर खराब गाड़ियां भी दिखीं.
बाद में, लोगों ने पुलिसवालों के बहुत ज्यादा बल इस्तेमाल के विरोध में धरना दिया. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने तारिकाबाद और लोअर चत्तर इलाकों में कई युवाओं को हिरासत में लिया, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर आसपास की पहाड़ियों से पत्थर फेंकने और सड़क रोकने की कोशिश की थी.
पीओके के पुंछ डिवीजन में शुजाबाद, हजीरा, मुत्यालमेरा, पनिओला और अब्बासपुर समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए. रविवार शाम को हुई एक मीटिंग में, जेएएसी कोर कमेटी के सदस्य इम्तियाज असलम ने सरकार को समूह के मांगों के चार्टर को लागू करने और मौजूदा हालात को सुलझाने के लिए 8 जुलाई तक की आखिरी डेडलाइन दी.
उन्होंने कहा, “नहीं तो, हम 9 जुलाई को जेएएसी के धरने का एक महीना पूरा होने पर अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे.” इस बीच, रविवार को 30वें दिन भी पीओके में इंटरनेट बंद रहा.
पाकिस्तानी अधिकारियों ने जेएएसी को 5 जून को गैरकानूनी घोषित कर दिया, जिसके बाद पीओके में अशांति और बढ़ गई. जेएएसी ने कई मांगें उठाई हैं, जिसमें इलाके की लेजिस्लेटिव असेंबली की 12 सीटें खत्म करना भी शामिल है, जो पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए रिजर्व हैं.
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केके/पीएम