
भोपाल, 6 जुलाई . मध्य प्रदेश वक्फ कानून को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है. मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सांवर पटेल ने कहा कि संशोधित वक्फ कानून का मकसद वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त करना, कामकाज को बेहतर बनाना, मुस्लिम समुदाय के कल्याण को बढ़ाना और बोर्ड में महिलाओं व गैर-मुस्लिम विशेषज्ञों को शामिल करके उसका प्रतिनिधित्व बढ़ाना है.
सांवर पटेल ने से बातचीत के दौरान कहा कि मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को धन्यवाद ज्ञापित करूंगा कि पीएम मोदी के नेतृत्व ने सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की चिंता करते हुए मुस्लिम समाज के लिए नया कानून लेकर आए. जगदंबिका पाल के नेतृत्व में जेपीसी समिति बनी और जनता की सलाह और सुझाव के बाद यह कानून बना. लोकसभा और राज्यसभा में बहस के बाद किया गया.
उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं की अनिवार्यता है लेकिन सीएम मोहन यादव ने चार महिलाओं को इसमें शामिल किया. 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड में चार महिलाएं हैं. बोर्ड में विशेषज्ञ के रूप में दो गैर-मुस्लिम होने की भी अनिवार्यता है, इसलिए इसमें दो हिंदू भी हैं.
उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्ति दानदाता की है, नए कानून के तहत इस मकसद को पूरा करने का काम करेंगे. वक्फ माफिया सालों से संपत्तियों पर कब्जा किए हैं. ऐसे में कब्जा हटाकर वक्फ की आय को बढ़ाकर आम गरीब और जरूरत मुस्लिम बच्चों की मदद करने का काम करेंगे क्योंकि वक्फ जनकल्याण और परोपकार के लिए बना है. वक्फ संपत्तियों से लोगों की जेब भरने का काम बंद करेंगे.
सांवर पटेल ने गैर मुस्लिम को बोर्ड में शामिल करने के विरोध करने वालों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग कानून और संविधान को नहीं मान रहे हैं. अगर हम देश के नागरिक हैं तो भारत के कानून को मानना चाहिए. संविधान सिर्फ दिखाने की वस्तु नहीं है कि विपक्ष के नेता जेब में लेकर चलें और उस पर अमल न करें. ये लोग जनता को भड़काने का एजेंडा कब तक चलाएंगे. जनता को भड़काने वाले लोगों ने देश पर लंबे समय तक शासन किया है.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मुस्लिम बच्चों के एक हाथ में कुरान और दूसरे में कंप्यूटर देखना चाहते हैं. वक्फ में भी सुशासन के लिए नया कानून आया है.
इसी दौरान, मंत्री विश्वास सारंग ने से कहा कि मध्य प्रदेश वक्फ कानून को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है और उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सीएम मोहन यादव और वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सांवर पटेल के प्रयास से मध्य प्रदेश पहला राज्य बना है जिसने वक्फ कानून में सकारात्मक परिवर्तन को लागू किया है. आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कानून का विरोध कर रही है, ऐसे में वह संविधान को नहीं मान रही है. यह मस्जिद या मुस्लिम समुदाय से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि वक्फ का मामला है. अगर वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य बने हैं तो यह कानून में परिवर्तन के तहत हुआ है. मुझे लगता है कि कांग्रेस नेता तुष्टीकरण की राजनीति के कारण ऐसा कर रहे हैं.
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एएसएच/पीएम