
नई दिल्ली, 6 जुलाई . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय इंडो-पैसिफिक दौरे की शुरुआत इंडोनेशिया से कर चुके हैं. जकार्ता पहुंचने पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. वहीं, अलग-अलग राज्यों से आए भारतीय मूल के लोगों ने भी प्रधानमंत्री के स्वागत को लेकर उत्साह जाहिर किया.
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में सोमवार को भारतीय समुदाय के लोग आए हैं. अलग-अलग जगहों पर रह रहे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, ओडिशा, कर्नाटक, और तमिलनाडु जैसे अलग-अलग राज्यों से रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों में काफी उत्साह दिख रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचे हुए हैं. उनके स्वागत में पहुंचे लोगों के चेहरे पर काफी खुशी देखी जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर महिलाओं ने बताया कि पिछली बार भी हमने उन्हें देखा था और इस बार भी हमें देखने का मौका मिलेगा.
उत्तराखंड की मूलनिवासी नीलम नौटियाल ने कहा कि हम पीएम मोदी का बहुत-बहुत स्वागत करते हैं. हम सब जानते हैं कि भारत और इंडोनेशिया का बहुत अच्छा संबंध रहा है. हम चाहते हैं कि वह यहां आएं और हम लोगों से मिलें. सच तो ये है कि उनके यहां आने से हम लोगों को बहुत शक्ति मिलती है. उनके यहां आने से हमारा संगठन मजबूत होता है.
वहीं, भारतीय मूल की महिला वेनू पावा ने कहा कि मुझे इतनी खुशी हो रही है कि मोदी जी से मिलने की क्योंकि तीन साल पहले जब वो यहां आए थे, मैं मिल नहीं पाई थी. पीएम जब यहां आते हैं तो हम सब उनमें अपने भारत को देख पाते हैं.
उत्तराखंड की मीना ध्यानी ने कहा कि तीन साल पहले जब पीएम मोदी यहां आए थे तो मेरी बेटी को आशीर्वाद देकर गए थे. अब एक बार फिर से वह जकार्ता आए हैं और हम सब उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं. प्रधानमंत्री मोदी देश ही नहीं पूरे विश्व में लोकप्रिय हैं और आज फिर से हम उनसे मिलेंगे, उनके सामने रूबरू होंगे. नजदीक से उन्हें देखेंगे. उनके नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है. इंडिया और इंडोनेशिया के रिश्ते काफी अच्छे हैं.
वहीं, 16 साल से इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय मूल के राजेश सहानी ने कहा कि आज बहुत खुशी हो रही है कि हम पीएम मोदी से मिलने वाले हैं. यहां ओड़िया समुदाय के 70 लोग जकार्ता में रहते हैं, और हम सब आज यहां अपने पीएम के स्वागत के लिए एकत्र हुए हैं. उनके दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, निवेश और समुद्री सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जिससे भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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एवाई/एबीएम