मध्य प्रदेश: जबलपुर में पांच मंजिला इमारत गिरी, प्रशासन की सूझबूझ से बची लोगों की जान

जबलपुर, 7 जुलाई . मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार शाम को भारी बारिश के बीच बड़ा फुहारा इलाके में एक पुरानी व्यावसायिक इमारत गिरने से एक बड़ा हादसा टल गया. अधिकारियों ने बताया कि इमारत की असुरक्षित स्थिति का समय पर पता लगाने और उसे पहले ही खाली करा लेने से जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.

शहर के व्यस्त बाजार इलाकों में से एक में स्थित पांच मंजिला इमारत के गिरने से दहशत फैल गई, लेकिन प्रशासन की तैयारियों के चलते कोई भी व्यक्ति मलबे के नीचे नहीं दबा.

स्थानीय भाजपा सांसद आशीष दुबे ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि इस घटना से पुरानी इमारतों से उत्पन्न जोखिमों की पहचान करने और उन्हें दूर करने का महत्व रेखांकित होता है, खासकर मानसून के मौसम में.

उन्होंने कहा कि सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ और जिला प्रशासन ने इमारत की पुरानी स्थिति और बरसात के मौसम में बढ़ते जोखिमों के कारण इसे खतरनाक घोषित कर दिया था. इमारत गिरने से पहले ही उसे खाली करा लिया गया था.

शाम करीब 7:30 बजे इमारत ढह गई, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग, नगर निगम के अधिकारी और एम्बुलेंस टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. इलाके को घेर लिया गया और बचाव दल ने यह सुनिश्चित करने के लिए तलाशी अभियान चलाया कि कोई भी व्यक्ति अंदर फंसा न हो.

उन्होंने बताया कि इमारत का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था और इसमें व्यापार से संबंधित सामान रखा हुआ था. बताया जा रहा है कि यह इमारत कोतवाली क्षेत्र के निवासी राजा जैन और राकेश जैन की थी. प्रशासन ने मालिकों को बुलाया है और इमारत की स्थिति और स्वामित्व के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.

दुबे ने बताया कि इमारत गिरने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने को बताया कि पुलिस, नगर निगम और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है तथा जन सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मलबा हटाने का काम किया जा रहा है.

यह घटना ऐसे समय घटी है जब मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं. जबलपुर में मंगलवार को भारी बारिश हुई और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों में जबलपुर समेत कई जिलों में छिटपुट स्थानों पर गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान लगाया है.

एमएस/