
नई दिल्ली, 8 जुलाई . श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विपक्षी दलों ने एसआईटी की जांच पर तीखी प्रतिक्रिया दी. जहां कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण मामले पर सरकार की आलोचना की, वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मांग की है कि जांच Supreme Court की निगरानी में होनी चाहिए.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “मंदिरों से चढ़ावा चोरी करना और मुसलमानों के साथ सीनाजोरी करना, इन सभी मामलों को दबाने के लिए मुसलमानों पर बुलडोजर चलाना, उन्हें लाठियों से पीटना, डंडे बरसाना, नफरत फैलाना और अपनी सभी नाकामियों व कमियों को छिपाना, यही सब हो रहा है.”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एसआईटी कहां है, वह तो एसईटी है, उसका कोई कानूनी महत्व नहीं है. ट्रस्ट ने एफआईआर की है, सरकार ने नहीं.
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चंपत राय के स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा मामला है, इसमें चोरी के साथ ही देश के करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है. कोई व्यक्ति कितना गुनहगार है और इस अपराध में कितना साझेदार है, यह सब जांच का विषय है. एसआईटी का गठन जांच के लिए किया गया, लेकिन इससे पहले ही ट्रस्ट को भंग कर देना चाहिए था. ट्रस्ट के सभी सदस्यों को रामलला परिसर से बाहर कर देना चाहिए था.
उन्होंने कहा कि अभी तक केवल परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होता था, लेकिन अब एसआईटी की गोपनीय रिपोर्ट लीक हो रही है. इस सबका केवल एक ही रास्ता बचा है कि जांच Supreme Court की गठित टीम की निगरानी में हो.
झारखंड में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने राम मंदिर विवाद में कहा कि कोई चोर नहीं कहता कि उसने चोरी की है. एसआईटी जांच चोरों को बचाने के लिए है, इस प्रकरण की न्यायिक उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.
चढ़ावा चोरी मामले में तीन आरोपियों की पुलिस रिमांड को लेकर उन्होंने कहा कि आरोपियों की वीडियो रिकार्ड होनी चाहिए और सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि जनता जान सके कि वह क्या बोल रहे हैं. किसका नाम बता रहा है और किस पर उंगली उठा रहा है. जनता को पता होना चाहिए कि इसका मास्टरमाइंड कौन है.
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एएसएच/डीकेपी