
पुणे, 8 जुलाई . महाराष्ट्र में जारी भारी बारिश के बीच बुधवार को पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम क्षेत्र से एक बड़ा हादसा सामने आया. पिंपरी-चिंचवड नगर निगम के मोशी कचरा डिपो में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक इमारत गिरने की खबर सामने आई. हादसे के समय इमारत में करीब 20 लोग मौजूद थे. इनमें से चार लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 16 लोगों के मलबे में फंसे होने की सूचना है. प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है.
पिंपरी-चिंचवड़ के पूर्व महापौर नितिन कालजे ने बताया कि मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना में पूरे शहर का कचरा लाया जाता है. इसी डिपो के पास तीन मंजिला प्रशासनिक भवन बना हुआ था. बुधवार दोपहर करीब एक बजे पूरी इमारत ढह गई. इस हादसे के समय भवन के भीतर लगभग 20 कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद थे. इनमें से चार लोग दूसरी मंजिल पर थे, जिन्होंने खिड़की का कांच तोड़कर बाहर निकलने में सफलता हासिल की. ये सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं. हालांकि, शेष 16 लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिनकी तलाश और सुरक्षित निकासी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
नितिन कालजे ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन पूरी तत्परता के साथ सक्रिय हो गया. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), सेना की टीम, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के अधिकारी, निगम आयुक्त और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत अभियान चला रही हैं. भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है ताकि फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
उन्होंने कहा कि जैसे ही दोपहर करीब एक बजे हादसे की सूचना मिली, संबंधित अधिकारियों और बचाव एजेंसियों को मौके पर बुलाया गया और अभियान में तेजी लाई गई. प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है.
पूर्व महापौर ने बताया कि मलबे में फंसे 16 लोगों में एक महिला भी शामिल है. राहत की बात यह है कि महिला से उसके परिजनों के मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित हो सका है. महिला ने अंदर से जानकारी दी है कि वह फिलहाल सुरक्षित है और जल्द से जल्द बाहर निकाले जाने की कोशिश की जा रही है.
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पीएसके/एबीएम