कोलकाता के सोने के व्यापारी हत्याकांड में नए सिरे से फोरेंसिक जांच शुरू

कोलकाता, 9 जुलाई . दत्तबाद के रहने वाले सोने के व्यापारी स्वपन कामिलिया की हत्या की जांच में नई तेजी आई है, क्योंकि एक फोरेंसिक टीम ने कोलकाता के पास न्यू टाउन में एक घर का निरीक्षण किया है, जिसके बारे में पुलिस को संदेह है कि वह अपराध स्थल हो सकता है.

बिधाननगर पुलिस ने हत्या की जांच के लिए पहले ही एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर लिया है. गुरुवार को बिधाननगर पुलिस, पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), साइबर क्राइम और फोरेंसिक टीमें न्यू टाउन स्थित उस घर में गईं और नए नमूने एकत्र किए. पुलिस को संदेह है कि सोने के व्यापारी की हत्या इसी घर में हुई थी.

स्वपन कामिलिया का शव पिछले साल 29 अक्टूबर को न्यू टाउन के जत्रागाछी खालपार इलाके से बरामद किया गया था. दो दिन बाद, उनके परिवार ने हत्या, अपहरण और चोरी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, 28 अक्टूबर को पांच से छह लोग दो वाहनों में दत्तबाद की एक सोने की दुकान पर पहुंचे और कथित तौर पर कामिलिया को न्यू टाउन स्थित एक घर में ले गए.

दत्तबाद के गोविंद बाग स्थित मकान के मालिक ने मीडिया को बताया था कि सोने के व्यापारी स्वपन कामिलिया को न्यू टाउन स्थित उस मकान में ले जाया गया था. वहां काम करने वाले अशोक कर ने भी दावा किया कि उन्होंने स्वपन को उस मकान में जाते हुए देखा था.

पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कामिलिया के साथ मारपीट की गई थी. शिकायत में राजगंज के पूर्व ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) प्रशांत बर्मन को इस मामले में मुख्य आरोपी बताया गया है. जांच के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि बर्मन अदालत के आत्मसमर्पण के निर्देशों के बावजूद कथित तौर पर फरार है.

जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद, बर्मन को बिधाननगर पुलिस की ओर से कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय और बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया. हालांकि, उन पर आरोप है कि उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके चलते राज्य सरकार ने उन्हें बीडीओ के पद से हटा दिया.

बर्मन को बाद में एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई. इस साल मई में, न्यू टाउन में नशे में गाड़ी चलाने और एक पैदल यात्री को टक्कर मारने के आरोप में उन्हें फिर से गिरफ्तार किया गया. बाद में बारासात की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी.

एमएस/