
मुंबई, 10 जुलाई . महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने शुक्रवार को पूरे राज्य में बड़े स्तर पर तलाशी और पूछताछ अभियान शुरू किया. यह कार्रवाई पाकिस्तान में रह रहे और कथित तौर पर आईएसआई से जुड़े आरोपी शहज़ाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध संपर्कों की जांच के तहत की जा रही है.
एटीएस की सभी 14 यूनिटों की टीमों ने एक साथ अभियान चलाते हुए 112 लोगों से पूछताछ शुरू की है. एजेंसी का कहना है कि इन लोगों के सोशल मीडिया के माध्यम से भट्टी के संपर्क में होने की आशंका है और जांच जारी है.
एटीएस के अनुसार, मुंबई, ठाणे, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, नवी मुंबई, मीरा रोड, भयंदर, सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजीनगर सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया. शुरुआती जांच में यह संदेह जताया गया है कि शहजाद भट्टी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को देश-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने और अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करता था. इसी कड़ी में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर उनके डिजिटल संपर्कों और गतिविधियों की जांच की जा रही है.
यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा हाल ही में किए गए बड़े खुलासे के बाद सामने आई है. स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी से जुड़े दो कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली और पंजाब से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर दिल्ली की कई महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाली जगहों की रेकी की थी. इनमें न्यू पुलिस लाइंस, आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डा, एक रेलवे स्टेशन और अन्य व्यस्त बाजार क्षेत्र शामिल थे. जांच एजेंसियों के अनुसार, इन स्थानों के वीडियो मोबाइल फोन से बरामद किए गए, जिन्हें कथित तौर पर एक प्रतिबंधित मैसेजिंग ऐप के जरिए भट्टी तक भेजा गया था.
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मिली चैट में भट्टी कथित रूप से आरोपी दानिश उर्फ चांद मियां को “सामान” की डिलीवरी और उसे सुरक्षित रखने के निर्देश देता दिखाई दिया. जांचकर्ताओं का मानना है कि “सामान” से आशय पेट्रोल बमों से था. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने राजघाट के पीछे विजय घाट क्षेत्र से पेट्रोल बम भी बरामद किए थे.
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार छह आरोपी पाकिस्तान में बैठे 10 अन्य संदिग्धों के संपर्क में थे. दानिश पर दिल्ली में हमलों की योजना बनाने और रेकी करने का आरोप है, जबकि उसके सहयोगी सलमान पर कथित तौर पर हमले की रिकॉर्डिंग कर वीडियो भट्टी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी. अन्य आरोपियों पर हथियारों की खेप लाने, सप्लाई करने और नेटवर्क तक पहुंचाने के आरोप हैं. फिलहाल महाराष्ट्र एटीएस और दिल्ली पुलिस सीमा-पार नेटवर्क, सोशल मीडिया संपर्कों तथा इस पूरे कथित मॉड्यूल की भूमिका की गहन जांच कर रही हैं.
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एसएके/पीएम