
बेंगलुरु, 10 जुलाई . भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने शुक्रवार को बेंगलुरु में केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने राज्य में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा की. चर्चा में भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन, आगामी उपचुनाव और प्रस्तावित समन्वय समिति के गठन पर विशेष जोर दिया गया.
विजयेंद्र के अनुसार, मुलाकात के दौरान कर्नाटक में ‘किसान विरोधी, जनविरोधी और भ्रष्ट’ सरकार के खिलाफ आंदोलन की भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया.
विजयेंद्र ने पत्रकारों से कहा कि हमने किसान विरोधी, जनविरोधी और भ्रष्ट कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपने संघर्ष की भविष्य की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श किया. हमने भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने पर भी चर्चा की.
दोनों नेताओं ने हिरियूर और धारवाड़ विधानसभा क्षेत्रों में आगामी उपचुनावों के साथ-साथ चार शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा की.
विजयेंद्र ने कहा कि हमने शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और मैंने जेडी(एस) से सहयोग मांगा है.
उन्होंने सत्ताधारी सरकार को हराने के लिए भाजपा और जेडी(एस) के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया और घोषणा की कि गठबंधन जल्द ही एक समन्वय समिति का गठन करेगा.
विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने के लिए भाजपा और जेडी(एस) को बेहतर समन्वय की आवश्यकता है. इस पृष्ठभूमि में भाजपा-जेडी(एस) समन्वय समिति का तत्काल गठन किया जाना चाहिए. भाजपा की ओर से विपक्ष के नेता आर. अशोक, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और मैं सदस्य होंगे. कुमारस्वामी ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कहा कि दोनों दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए, गठबंधन को मजबूत करना चाहिए और इस सरकार को हराना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि कुमारस्वामी ने प्रत्येक पार्टी से तीन सदस्यों का सुझाव दिया था, लेकिन समिति को संक्षिप्त रखने पर चर्चा हुई.
उन्होंने कहा कि मैंने इस मामले पर भाजपा कर्नाटक के प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल से भी बात की है और सुझाव दिया है कि प्रत्येक पार्टी से तीन सदस्य उचित रहेंगे.
हालिया दल-मतदान प्रकरण के कारण समन्वय समिति के गठन के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर विजयेंद्र ने कहा कि इसका इससे कोई संबंध नहीं है.
उन्होंने कहा कि यह निर्णय दल-मतदान के मुद्दे से जुड़ा नहीं है. यह न केवल भाजपा और जेडी(एस) के हित में, बल्कि राज्य के हित में भी लिया गया है. यह भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की इच्छा के अनुरूप है, और चर्चाएं बहुत सकारात्मक रहीं.
आगामी उपचुनावों के लिए सीट बंटवारे के बारे में विजयेंद्र ने कहा कि जेडी(एस) ने हिरियूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है.
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एमएस/