
दतिया, 11 जुलाई . भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना भी हुई. इसमें कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए, जबकि पुलिस के कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा.
दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने से बातचीत में बताया कि करीब 12 घंटे बाद चक्का जाम समाप्त कराया गया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे हटने को तैयार नहीं थे. इसके बाद उन्हें हटाने के लिए प्रशासन की ओर से आंसू गैस के गोले दागे गए. पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. डीएसपी, एसडीओपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को भी चोटें आई हैं.
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी गई है कि कोई भी व्यक्ति शांति भंग करने का प्रयास न करे. उन्होंने कहा कि प्रशासन आचार संहिता के पालन को लेकर पूरी तरह सख्त है. वानखेड़े ने कहा कि किसी राजनीतिक दल द्वारा किसे टिकट दिया जाए, यह उसका आंतरिक मामला है, लेकिन ऐसे मामलों के कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.
बाजार बंद के आह्वान पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने एक दिन पहले बाजार बंद का ऐलान किया था, जिससे व्यापारी सहमत नहीं थे. इसके मद्देनजर बाजारों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी जबरन बाजार बंद नहीं कराने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ की 16 कंपनियां उपलब्ध कराई गई हैं और सभी मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.
ददतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने से बातचीत के दौरान कहा कि चक्का जाम करने की कोशिश की गई. बाजार खुलवा दिया गया है. प्रदर्शनकारियों को समझाया गया है. पत्थरबाजी के बाद पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया गया. कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हैं. एडिशनल एसपी को भी चोटें आई हैं. अच्छी बात यह है कि इस दौरान हम लोगों की ओर से लाठीचार्ज नहीं किया गया है. उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. आचार सहिंता के दौरान किसी की ओर से भी शांति भंग करने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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एसडी/एएस