
ऑकलैंड, 11 जुलाई . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में न्यूजीलैंड के पारंपरिक हाका नृत्य और भारत के शास्त्रीय कथक नृत्य की प्रस्तुति ने मन मोह लिया. गाला लंच के दौरान अलग-अलग संस्कृतियों की ये भाव भंगिमा पूर्ण अभिव्यक्ति देखने को मिली.
न्यूजीलैंड की मूल जनजाति माओरी का पारंपरिक ‘हाका’ नृत्य अपनी ऊर्जा, शक्ति और जोशपूर्ण प्रस्तुति के लिए प्रसिद्ध है, जबकि भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक ने अपनी लय, भाव-भंगिमा और सौंदर्य से इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया.
दो अलग-अलग संस्कृतियों की यह खूबसूरत प्रस्तुति एकता, आपसी सम्मान और मजबूत भारत-न्यूजीलैंड संबंधों का प्रतीक बनी. दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत का यह संगम दर्शकों के लिए यादगार अनुभव रहा.
पीएम मोदी का ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में पारंपरिक माओरी रीति-रिवाजों के साथ औपचारिक स्वागत किया गया. इस खास मौके पर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया.
यह भव्य स्वागत भारत और न्यूजीलैंड के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों, आपसी सम्मान और गहरी दोस्ती की एक खूबसूरत झलक है. इस दौरान माऊरी संस्कृति के शक्तिशाली नृत्य पोविरी से स्वागत किया गया.
पोविरी की प्रक्रिया कई चरणों में बंटी होती है. इसमें से एक में माओरी योद्धा पारंपरिक हथियारों के साथ मेहमान के सामने आते हैं और जमीन पर एक टोकन रखते हैं. अगर मेहमान उसे उठा लेता है, तो इसका मतलब होता है कि वह शांति का संदेश लेकर आया है. पीएम मोदी के सामने भी जब यह चुनौती रखी गई, तो उन्होंने पूरे सम्मान के साथ इसे स्वीकार किया.
वहीं, भारतीय समुदाय की ओर से आयोजित ‘किया ओरा मोदी’ इवेंट भी माओरी भाषा से लिया गया. जिसके कई सकारात्मक अर्थ हैं. इनमें से एक अर्थ पीएम मोदी आपका स्वागत है. अब यह न्यूजीलैंड की इंग्लिश का भी एक अहम हिस्सा बन चुका है. आसान भाषा में कहें तो इसका इस्तेमाल ‘हेलो’, ‘हाय’ या ‘बाय’ की तरह किया जाता. प्रधानमंत्री मोदी ने भी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए किआ ओरा कहा. पीएम मोदी के मुंह से यह शब्द सुनते ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा.
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केआर/