पार्श्व गायिका एस. जानकी के निधन पर राष्ट्रपति, केंद्रीय गृह मंत्री ने जताया शोक, कहा- ‘भारत ने एक संगीत आइकन खो दिया’

नई दिल्ली, 12 जुलाई . पार्श्व गायिका एस. जानकी के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित प्रमुख नेताओं ने दुख व्यक्त किया और कहा कि भारत ने एक संगीत आइकन खो दिया है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मशहूर पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन से भारत ने एक संगीत आइकन खो दिया है. उनकी असाधारण गायकी ने पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उनका शानदार करियर छह दशकों से ज़्यादा का रहा, इस दौरान उन्होंने हिंदी, ओडिया, तुलु, उर्दू, पंजाबी और बंगाली समेत लगभग 20 भारतीय भाषाओं में हज़ारों गाने रिकॉर्ड किए. उनका सदाबहार संगीत हमेशा कीमती रहेगा. मैं उनके परिवार और अनगिनत चाहने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.”

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मशहूर पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन से बहुत दुख हुआ. एक मधुर आवाज, जानकी ने उन गीतों में जान डाल दी जो विभिन्न भाषाओं में हमेशा के लिए क्लासिक बन गए. हमारे देश के सबसे सम्मानित सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक, वह संगीत की दुनिया में एक ऐसा खालीपन छोड़ गई हैं जिसकी भरपाई नहीं हो सकती. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति.”

बता दें कि मैसूरु तालुक के कनियानाहुंडी फार्म में दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा का अंतिम संस्कार किया जाएगा. उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए लोग पहुंच रहे हैं. मशहूर पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा का शनिवार को 88 साल की उम्र में मैसूर में निधन हो गया. मशहूर गायिका एस. जानकी के अंतिम दर्शन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रशंसकों के शामिल होने की उम्मीद है. 4 एसीपी, 12 इंस्पेक्टर, 20 पीएसआई, 3 केएसआरपी यूनिट और 3 कमांडो फोर्स यूनिट सहित कुल 455 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है. उनके पार्थिव शरीर को उनके घर से महाराजा ग्राउंड ले जाया जा रहा है.

एस. जानकी ने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी समेत 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जिससे वह इतिहास की सबसे अधिक गाने वाली प्लेबैक सिंगरों में से एक बन गईं. उन्होंने सबसे अधिक गाने कन्नड़ भाषा और उसके बाद मलयालम भाषा में गाए.

उन्होंने 1957 में तमिल फिल्म विधियिन विलायटू से प्लेबैक सिंगिंग में डेब्यू किया था. उसी साल मलयालम सिनेमा के साथ जानकी का जुड़ाव शुरू हुआ. पार्श्व गायिका के रूप में अपने पहले ही वर्ष में उन्होंने छह अलग-अलग भारतीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए, जिससे भारतीय संगीत के इतिहास में सबसे शानदार करियर की शुरुआत हुई.

जानकी ने 1970 में बेस्ट सिंगर के तौर पर अपना पहला केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीता. अगले लगभग 15 सालों तक इस कैटेगरी में उनका दबदबा रहा. 1957 से 2017 तक चले अपने करियर में उन्होंने चार राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड और 33 राज्य फिल्म अवॉर्ड जीते.

एसएके/पीएम