भारी बारिश के बाद तांदुलवाड़ी किले का मुख्य मार्ग बंद, पर्यटकों से फिलहाल यात्रा टालने की अपील

पालघर, 12 जुलाई . महाराष्ट्र के पालघर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते ऐतिहासिक तांदुलवाड़ी किले के आसपास भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. भूस्खलन के कारण किले तक जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पर्यटकों, ट्रैकिंग के शौकीनों और दुर्ग प्रेमियों से अगले कुछ दिनों तक तांदुलवाड़ी किले की यात्रा नहीं करने की अपील की है.

जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण किले के आसपास कई स्थानों पर पहाड़ी से मिट्टी और चट्टानें खिसक गईं. मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े पत्थर और भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है, जिससे किले तक पहुंचना फिलहाल संभव नहीं है. रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध होने के कारण स्थानीय प्रशासन ने लोगों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है.

हालांकि राहत की बात यह रही कि भूस्खलन की इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर हादसा नहीं हुआ. घटना के समय मार्ग पर कोई पर्यटक या स्थानीय व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया. इसके बावजूद प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में अभी भी पत्थर गिरने और मिट्टी धंसने का खतरा बना हुआ है. ऐसे में बिना अनुमति या जोखिम उठाकर किले की ओर जाना जानलेवा साबित हो सकता है.

तांदुलवाड़ी किला पालघर जिले के प्रमुख पर्यटन और ट्रैकिंग स्थलों में से एक है. मानसून के दौरान यहां बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी और ट्रेकर्स पहुंचते हैं. लेकिन इस समय मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और मार्ग की खराब स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक रास्ते से मलबा हटाकर उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक किले की यात्रा से बचना चाहिए.

स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मार्ग से मलबा हटाने तथा स्थिति का आकलन करने में जुटे हुए हैं. मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही पर्यटकों के लिए किले का रास्ता दोबारा खोला जाएगा.

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाएं. साथ ही, मानसून के दौरान पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में जाते समय विशेष सतर्कता बरतने की भी सलाह दी गई है.

एसएके/पीएम