
कोलकाता, 13 जुलाई . कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को भर्ती घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री मानस भुनिया को सशर्त राहत देते हुए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की.
गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए मानस भुनिया ने हाई कोर्ट का रुख किया. उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की एकल पीठ ने उन्हें किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत दी. अदालत ने यह राहत कुछ शर्तों के साथ दी है, जिनका पालन करना उनके लिए अनिवार्य होगा.
अदालत ने आदेश दिया कि फिलहाल वह पश्चिम मिदनापुर जिले के सबांग थाना क्षेत्र से बाहर नहीं जाएंगे.
हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री को जांच में सहयोग करने और अपना पासपोर्ट स्थानीय पुलिस थाने में जमा कराने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि इन शर्तों का पालन करने पर उन्हें फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिलेगी. उन पर पैसे लेकर लोगों को नौकरी दिलाने का आरोप है.
पुलिस ने 9 जुलाई को नौकरी के बदले रिश्वत लेने के मामले में पूछताछ के लिए मानस भुनिया को समन भेजा था. इसके बाद वे सबांग पुलिस थाने में पेश हुए, जहां उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई. पूछताछ के बाद पुलिस थाने से बाहर निकलते समय उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की. पुलिस के अनुसार, आरोप है कि मंत्री रहते हुए उन्होंने सिंचाई विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से लाखों रुपए वसूले थे.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सबांग पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सिंचाई विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपए लिए गए. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस ने पूर्व मंत्री मानस भुनिया को कई बार नोटिस भेजे, लेकिन पहले दो नोटिसों के बावजूद वे पूछताछ के लिए थाने नहीं पहुंचे.
नोटिस को चुनौती देते हुए मानस भुनिया ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया. अदालत ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया. इसके बाद वह सबांग पुलिस थाने में पेश हुए, जहां पुलिस ने शिकायत के संबंध में उनसे पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया.
सबांग विधानसभा क्षेत्र की बिष्णुपुर ग्राम पंचायत के रहने वाले एक युवक ने 10 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उसने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मंत्री मानस भुनिया की सिफारिश पर उसकी पत्नी को तेमाथानी सिंचाई बंगले में सीआईएसबी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नौकरी दिलाई गई थी.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नौकरी दिलाने के बदले उससे 5 लाख रुपए लिए गए. इसके बाद उसकी पत्नी ने नौकरी ज्वाइन की और पिछले मार्च में उसे वेतन भी मिला, लेकिन दो महीने के भीतर ही उसकी नौकरी चली गई.
युवक ने पुलिस से मानस भुनिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उसे आर्थिक नुकसान हुआ है और उसकी पत्नी की नौकरी भी चली गई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूर्व सिंचाई मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी. हालांकि, मानस भुनिया ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है.
भुनिया ने सबांग विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर 2026 के विधानसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने 13 जून को तृणमूल कांग्रेस से अलग होने की घोषणा की.
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एसएचके/डीकेपी