एसआईआर के दौरान फर्जी दस्तावेजों की जांच हो, अवैध नाम मतदाता सूची से हटें: किरीट सोमैया

मुंबई, 13 जुलाई . भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंबई में चल रही चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर जुबानी हमला किया. उन्होंने बांद्रा ईस्ट, मानखुर्द, वडाला समेत कई विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर आरोप लगाया कि बीएणसी द्वारा जारी किए गए 87,800 कथित फर्जी जन्म प्रमाण-पत्रों के आधार पर करीब 85,000 लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं.

सोमैया ने अवैध स्कूलों के प्रमाण-पत्रों, फर्जी ओबीसी जाति प्रमाण-पत्रों, बांग्लादेशी घुसपैठ, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों पर भी निशाना साधते हुए मांग की है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सभी संदिग्ध नामों की सख्त जांच हो और अवैध दस्तावेजों वाले मतदाताओं को सूची से हटाया जाए.

किरीट सोमैया ने से बातचीत में कहा कि उन्होंने मानखुर्द, बांद्रा ईस्ट और वडाला सहित करीब आधा दर्जन विधानसभा क्षेत्रों के अधिकारियों से मुलाकात कर एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चर्चा की. मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा 87,800 कथित गैरकानूनी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनमें से लगभग 85,000 लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं. एसआईआर के दौरान ऐसे सभी जन्म प्रमाण पत्रों की जांच कराई जाए और यदि वे अवैध पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं.

सोमैया ने आरोप लगाया कि मुंबई महानगरपालिका पिछले छह वर्षों में 949 स्कूलों को अनधिकृत घोषित कर चुकी है. इन कथित अवैध स्कूलों के प्रमाण-पत्रों के आधार पर हजारों लोगों ने जन्म प्रमाण-पत्र प्राप्त किए और बाद में मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कराए. उन्होंने चुनाव आयोग से ऐसे सभी मामलों की विस्तृत जांच कराने की मांग की.

ओबीसी जाति प्रमाण-पत्रों के अमान्य पाए जाने के बाद मुंबई महानगरपालिका द्वारा चार नगरसेवकों को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले पर सोमैया ने कहा कि यह केवल पद से अयोग्य ठहराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों के जरिए कुछ लोगों ने हिंदू ओबीसी समुदाय के अधिकारों का हनन करने का प्रयास किया है. इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया है कि संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाए. भाजपा नेता ने दावा किया कि उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव आयोग को इस संबंध में दस्तावेजी प्रमाण भी उपलब्ध कराए हैं. अवैध स्कूलों के प्रमाण-पत्रों के आधार पर बने जन्म प्रमाण-पत्रों के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराए गए हैं और इनकी जांच आवश्यक है.

सोमैया ने आगे आरोप लगाया कि उनकी मुहिम का उद्देश्य कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने वाले लोगों और एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में नाम रखने वालों की पहचान कर उनके नाम हटाना है. उन्होंने चुनाव आयोग पर विश्वास जताते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र में इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे.

पीएसके