जेल में ही शपथ लेंगे तिरुवनंतपुरम से भाजपा पार्षद, केरल हाई कोर्ट ने दिया निर्देश

कोच्चि, 13 जुलाई . केरल हाईकोर्ट ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद सुगाथन आर. को जेल के भीतर ही पद की शपथ लेने की अनुमति दे दी है. अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह जेल के अंदर शपथ ग्रहण की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करे.

न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने यह आदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षद सुगाथन आर. की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. सुगाथन इस समय केरल एंटी सोशल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट, 2007 के तहत निरुद्ध हैं.

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता को केएएपीए के तहत हिरासत में रखा गया है, इसलिए उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए रिहा नहीं किया जा सकता. अदालत ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता के जनादेश का सम्मान होना चाहिए. इसी आधार पर कोर्ट ने उन्हें जेल के अंदर ही शपथ लेने की अनुमति दी.

सुगाथन आर. वर्ष 2025 के स्थानीय निकाय चुनाव में तिरुवनंतपुरम नगर निगम के वार्ड संख्या 20, वाझोट्टुकोणम से पार्षद चुने गए थे. उन्होंने 21 दिसंबर 2025 को पहली बार शपथ ली थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उस शपथ को अमान्य घोषित कर दिया था. अदालत ने कहा था कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि वैधानिक शपथ के निर्धारित प्रारूप में किसी विशेष देवता, राजनीतिक शहीद, संगठन या सार्वजनिक व्यक्तित्व का उल्लेख जोड़कर उसमें बदलाव नहीं कर सकते.

बाद में 24 जून को अन्य पार्षदों के साथ दोबारा शपथ ग्रहण कराया गया, लेकिन उस समय सुगाथन निवारक हिरासत में होने के कारण शपथ नहीं ले सके.

अब हाई कोर्ट ने विय्यूर सेंट्रल जेल के अधीक्षक को निर्देश दिया है कि 14 जुलाई को सुबह 11 बजे जेल परिसर में ही सुगाथन के शपथ ग्रहण की व्यवस्था की जाए.

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर और आवश्यक अधिकारियों को जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाए.

एएमटी/डीकेपी