
नई दिल्ली, 14 जुलाई . दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने का स्वागत किया. उन्होंने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के पीछे एक बड़ी साजिश का आरोप लगाया और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा आम आदमी पार्टी के नेताओं पर आरोपी का समर्थन करने और हिंसा के दौरान कार्रवाई न करने का आरोप लगाया.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि कल न्यायालय का एक निर्णय आया है. कोर्ट के इस निर्णय की छह वर्ष से हम लोग प्रतीक्षा कर रहे थे. वर्ष 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा को खींचकर ताहिर हुसैन के घर में ले जाया गया था. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट बताती है कि अंकित शर्मा को 51 बार चाकुओं से गोदा गया. उनकी मौत हो जाने के बाद भी ताहिर हुसैन और उसके जैसे लोग अंकित शर्मा के शव पर चाकुओं से वार करते रहे. पूरी तरह से क्षतविक्षत शव को नाले में फेंक दिया गया था.
कपिल मिश्रा ने कहा कि वारदात के दो दिन बाद नाले से जब अंकित शर्मा के शव को निकाला गया तो उस दर्दनाक दृश्य को पूरे देश ने देखा. इस हत्या में ताहिर हुसैन शामिल है; कल न्यायालय ने साबित किया है और उसको दोषी करार दिया है. यह ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ मर्डर है. ताहिर हुसैन और उसके साथियों के द्वारा दिल्ली में भयानक साजिश रची गई थी. मेरा मानना है कि ताहिर हुसैन एक एक्टर है; इस पूरे घटनाक्रम के डायरेक्टर कोई और लोग हैं. उमर खालिद को बचाने के लिए आज भी नैरेटिव बनाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि ऐसे ही लोगों ने हथियार लेकर सड़क पर निकलने के लिए लोगों को भड़काया. जिन लोगों ने सड़के बंद की थी, उन्हीं लोगों ने आग लगाई, दंगे किए और हत्याएं कीं. उन्हीं में से एक ताहिर हुसैन और उसके साथी थे. दिल्ली दंगा हिंदुओं की हत्या का साजिश था. हिंदू व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए और उनको जलाया गया. हिंदुओं को पलायन कराने की साजिश रची गई और उस साजिश की एक घटनाक्रम अंकित शर्मा की हत्या थी. इस मामले में और भी लोग शामिल हैं.
कपिल मिश्रा ने कहा कि अभी केवल एक्टर पकड़ा गया है. दिल्ली दंगों के डायरेक्टरों के साथ न्याय करना बाकी है. कुछ न्याय न्यायालय में किए जाएंगे और कुछ न्याय ईश्वर की अदालत में होंगे. दिल्ली के साथ इतना बड़ा पाप किया गया है, इसका पूरा न्याय होना बाकी है.
कपिल मिश्रा ने कहा कि आज मैं कुछ सवाल पूछना चाहता हूं कि जो सनातनी बनने का, सुंदरकांड पढ़ने का ढोंग करते हुए घूम रहे हैं. मैं आज उनसे पूछना चाहता हूं कि उस वक्त केजरीवाल की सरकार थी. तब अरविंद केजरीवाल और उनके उपमुख्यमंत्री ने सड़कों को बंद करने वालों का क्यों समर्थन किया? केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के हाथ हिंदुओं के खून से रंगे हुए हैं. संजय सिंह की ओर से ताहिर हुसैन को बेगुनाह कहने का पाप किया गया. आखिर क्यों अंकित शर्मा की हत्या के खिलाफ मुख्यमंत्री के तौर पर अरविंद केजरीवाल एक भी शब्द नहीं बोले, उन्होंने एक भी बयान नहीं दिया.
कपिल मिश्रा ने कहा कि केजवाल सरकार का कोई भी मंत्री किसी हिंदू पीड़ित के घर नहीं गया. आज मेरा कहना है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, और उनकी पूरी पार्टी और गैंग ने अप्रत्यक्ष तौर पर दंगाइयों का समर्थन किया है और उनको बचाने का पाप किया है.
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एसडी/पीएम