‘मन्नत’ रेनोवेशन मामले में शाहरुख खान को Supreme Court से राहत, याचिका खारिज

नई दिल्ली, 14 जुलाई . बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान के मुंबई स्थित उनके आलीशान बंगले ‘मन्नत’ के रेनोवेशन को लेकर चल रहे विवाद पर Supreme Court ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने मन्नत में दो नई मंजिल जोड़ने के लिए मिली कोस्टल रेगुलेशन जोन (सीआरजेड) मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

Supreme Court ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत किसी के फिल्म स्टार होने से प्रभावित नहीं है. अगर किसी ने अपने घर में नियमों के तहत बदलाव करने की अनुमति ली है तो इसमें क्या समस्या है?

Supreme Court में दायर याचिका में मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दाऊंडकर ने आरोप लगाया था कि मन्नत में दो अतिरिक्त मंजिल बनाने के लिए जरूरी पर्यावरण संबंधी मंजूरियां पूरी तरह नहीं ली गईं. उनका कहना था कि महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी की ओर से दी गई सीआरजेड मंजूरी में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भी इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया.

हालांकि Supreme Court ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया. सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि शुरुआती तौर पर ऐसा लगता कि कानून का मोटे तौर पर पालन किया गया. अधिकारियों ने नियमों की जांच के बाद ही अनुमति दी है.

इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भी इस मामले में याचिका खारिज कर चुका था. एनजीटी ने कहा था कि मन्नत में प्रस्तावित निर्माण के लिए दी गई सीआरजेड मंजूरी में कोई प्रक्रियात्मक गलती नहीं मिली है. प्रस्तावित काम मौजूदा इमारत के ऊपर दो नई मंजिलें जोड़ने तक सीमित है और इसमें कोई ऐसा नया विस्तार नहीं किया जा रहा, जिससे नियमों का उल्लंघन हो.

शाहरुख खान का बंगला ‘मन्नत’ मुंबई के बांद्रा इलाके में समुद्र किनारे स्थित है और यह शहर की सबसे चर्चित संपत्तियों में शामिल है. शाहरुख खान ने साल 2001 में इस संपत्ति को खरीदा था. इसके बाद इसे परिवार की जरूरतों के अनुसार बनवाया.

रेनोवेशन के तहत मन्नत में दो नई मंजिल जोड़ने की योजना है. बंगला समुद्र के करीब होने और हेरिटेज श्रेणी में आने के कारण इसके लिए सीआरजेड और अन्य विभागों से मंजूरी लेना जरूरी था.

पीके/वीसी