मुंबई में स्वास्थ्य बीमा के नाम पर साइबर ठगी का भंडाफोड़, 12 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई, 14 जुलाई . मुंबई पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य बीमा बेचने के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर बंद कराए और आरोपियों के पास से कई डिजिटल उपकरण जब्त किए.

मुंबई की गोवंडी पुलिस ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान 17 लाख से अधिक का सामान बरामद किया गया, जिसमें कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और सोने के सिक्के शामिल हैं.

यह मामला तब सामने आया, जब एक व्यक्ति ने 22 जून को गोवंडी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठगों ने खुद को एचडीएफसी एर्गो स्वास्थ्य बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उससे संपर्क किया था.

शिकायतकर्ता ने बताया कि ठगों ने उसे झांसा दिया कि वह अपनी बीमा पॉलिसी पर 1,53,825 रुपए के ‘नो क्लेम बोनस’ का हकदार है. उन्होंने यह भी कहा कि यह राशि पाने के लिए उसे एक विशेष प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

आरोप है कि ठगों ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ली और ऑनलाइन लेनदेन के जरिए उसके खाते से 3.43 लाख रुपए निकाल लिए. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि वे एचडीएफसी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी रखने वाले ग्राहकों को निशाना बनाते थे.

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी पहले भोले-भाले बीमा पॉलिसीधारकों का निजी डेटा और सिम कार्ड हासिल करते थे. इसके बाद वे इनका इस्तेमाल कर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे. पुलिस ने इस डेटा और सिम कार्ड की आपूर्ति करने वाले तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है.

पुलिस पूरे गिरोह की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी का शिकार कितने लोग हुए हैं और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके.

इस बीच, मुंबई पुलिस ने बीमा से जुड़ी ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. पुलिस ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या अपने नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करे.

एसएचके/वीसी