‘हनुमान चालीसा का विरोध करने वाले अब राम रक्षा का पाठ कर रहे’, शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तंज

मुंबई, 14 जुलाई . महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) गुट पर तीखा हमला किया. उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शन को समर्थन देने की घोषणा करने के लिए यूबीटी गुट की आलोचना की और उन पर देश भर में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिंदे ने कई मुद्दों पर बात की, जिनमें हिंदुत्व, राम मंदिर, अनुच्छेद 370, प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व, विपक्ष की राजनीति, एनडीए, पेपर लीक और क्षेत्रीय प्रशासनिक कार्रवाई शामिल हैं.

यूबीटी की हालत को ‘अपनी पूंछ में आग लगी है, लेकिन पहाड़ की आग बुझाने दौड़ रहे हैं’ बताते हुए शिंदे ने कहा कि यूबीटी गुट में सड़कों पर उतरने की हिम्मत नहीं है, फिर भी वे ‘तुम लड़ो, हम तुम्हारे कोट पकड़ेंगे’ वाली सोच के साथ राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

वांगचुक के आंदोलन को यूबीटी गुट के समर्थन पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा कि यह समझ बहुत देर से आई है. उन्हें सरकार के खिलाफ उठने वाले किसी भी विरोध का समर्थन करने की आदत है, फिर भी वे कभी नेतृत्व करने के लिए सड़कों पर नहीं उतरते, बल्कि घर बैठे समर्थन देते हैं.

शिंदे ने विपक्ष पर भारत की तुलना श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे संकटग्रस्त देशों से करके डर का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया.

उन्होंने जोर देकर कहा कि उन देशों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी, जिससे लोगों का जीवन-यापन मुश्किल हो गया था, जबकि भारत की स्थिति बिल्कुल अलग है.

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है. मोदी सरकार ने 80 करोड़ नागरिकों को मुफ्त अनाज दिया है और 32 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है. भारत की तुलना श्रीलंका या बांग्लादेश से करना सिर्फ राजनीतिक अवसरवाद है.

शिंदे ने ठाकरे पर भी निशाना साधा और कहा कि जो लोग हनुमान चालीसा का विरोध करते थे, वे अब राम रक्षा का पाठ कर रहे हैं. जिस दिन उद्धव ठाकरे ने दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के मूल मूल्यों को छोड़ा, उसी दिन उनके हिंदुत्व का अंत हो गया.

उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि यूबीटी गुट सत्ता में बने रहने के लिए उन राजनीतिक ताकतों के साथ मिल रहा है, जो वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का मददगार’ बताती हैं.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ करने वालों को जेल में डाला था, वे अब राम रक्षा का पाठ कर रहे हैं. उन्हें आखिरकार समझ आ गया है कि जो राम के साथ नहीं हैं, वे किसी काम के नहीं हैं, लेकिन जनता सब समझती है. शिंदे ने राम मंदिर बनाने और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के जरिए बालासाहेब ठाकरे के सपनों को पूरा करने का श्रेय पीएम मोदी को दिया. उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशासन और गठबंधन से जुड़े अहम मुद्दों पर भी बात की.

एससीएच/एबीएम