
नोएडा, 15 जुलाई . राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह बना रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मानसून की सक्रियता के बावजूद क्षेत्र में व्यापक और तेज बारिश की संभावना फिलहाल नहीं दिखाई दे रही है. हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश या बूंदाबांदी तथा तेज हवाएं लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत जरूर दिला सकती हैं.
मौसम विभाग ने इस अवधि के लिए किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15 जुलाई को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. इस दिन आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा तथा हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) 63 से 50 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है. 16 जुलाई को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
इस दिन मौसम आंशिक रूप से बादलों वाला रहेगा. आर्द्रता 65 से 45 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है. 17 जुलाई को तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार इस दिन भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. इसके बाद 18 जुलाई को अधिकतम तापमान घटकर 36 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा.
19 जुलाई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है. इस दिन भी आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. आर्द्रता का स्तर 75 से 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जिससे उमस का असर बना रहेगा. वहीं 20 जुलाई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार इस दिन भी सामान्यतः बादल छाए रहेंगे.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की एंट्री के बावजूद फिलहाल एनसीआर में वैसी व्यापक और लगातार बारिश नहीं हो रही है, जिसकी सामान्य तौर पर इस समय उम्मीद की जाती है. इसी कारण दिन के समय गर्मी और उमस का प्रभाव बना रहेगा. हालांकि बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं हल्की बारिश की फुहारें लोगों को अस्थायी राहत देंगी. तापमान में आंशिक गिरावट जरूर देखने को मिलेगी, लेकिन फिलहाल तेज बारिश या तापमान में बड़ी कमी के संकेत नहीं हैं.
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पीकेटी/पीएम