
मुंबई, 15 जुलाई . राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को उन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उनकी पार्टी संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का समर्थन करेगी या फिर एनडीए में शामिल होने जा रही है.
मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रिया सुले ने कहा कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी को परिसीमन विधेयक को लेकर न तो कोई प्रस्ताव मिला है और न ही किसी तरह की कोई ‘डील’ हुई है. जब विधेयक का आधिकारिक मसौदा संसद में पेश होगा, तब पार्टी उसका विस्तार से अध्ययन करेगी और 24 घंटे के भीतर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करेगी.
सुप्रिया सुले ने कहा कि बुधवार सुबह एक प्रतिष्ठित अखबार में एक खबर प्रकाशित हुई, जिसके बाद कई मीडिया संस्थानों ने यह खबर चलानी शुरू कर दी कि शरद पवार गुट केंद्र सरकार के संवैधानिक संशोधन वाले परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह पूरी खबर ‘अनाम सूत्रों’ के आधार पर बनाई गई है और पार्टी की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान कभी जारी नहीं किया गया.
उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सहयोगी दलों के बीच किसी तरह का भ्रम न फैले, इसलिए मैंने यहां आने से पहले शरद पवार, जयंत पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे, हमारे विधायकों और सांसदों से बात की और फिर अपनी स्थिति स्पष्ट करने आई हूं.”
सुप्रिया सुले ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, वरिष्ठ नेता सतेज पाटिल और शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत से भी बात कर उन्हें पार्टी की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया.
उन्होंने दोहराया, “हमें परिसीमन विधेयक को लेकर कोई प्रस्ताव या डील नहीं मिली है. जब विधेयक संसद में आएगा, तब हम उसका अध्ययन करेंगे और 24 घंटे के भीतर अपना फैसला बताएंगे.”
इधर, महारा यह भी कहा गया कि अजित पवार गुट इस मंत्रालय को अपने पास ही रखना चाहता है, जिससे गठबंधन के ष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज थी कि शरद पवार गुट जल्द ही औपचारिक रूप से एनडीए में शामिल हो सकता है. कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि पार्टी को राज्य सरकार में वित्त मंत्रालय देने का प्रस्ताव दिया जा रहा है. वहींभीतर मतभेद की स्थिति बन सकती है.
इन अटकलों को और हवा तब मिली जब मंगलवार रात जयंत पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके सरकारी आवास ‘वर्षा’ में मुलाकात की.
हालांकि, सुप्रिया सुले ने इन सभी चर्चाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, “हमें एनडीए की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है और हम कहीं नहीं जा रहे हैं. हम वहीं हैं, जहां पहले थे और जनता के लिए काम कर रहे हैं.”
उन्होंने शरद पवार के हालिया विधानसभा दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में बैठने को लेकर उठे सवालों का भी जवाब दिया. सुप्रिया सुले ने कहा, ” शरद पवार लंबी दूरी तक चल नहीं सकते, इसलिए वे वहां जाकर बैठ गए थे. यह एकनाथ शिंदे की शालीनता थी कि उन्होंने कैबिनेट बैठक छोड़कर उनका स्वागत किया और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया.”
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वीकेयू/पीएम