
गांधीनगर, 15 जुलाई . अपने 65वें जन्मदिन के अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमनाथ महादेव की पूजा की और एक संकल्प लिया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत विशेष महापूजा के लिए पंजीकरण कराया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि आज मेरे जन्मदिन पर मुझे प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने और महापूजा में भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. श्री सोमनाथ महादेव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजा (मंदिर ट्रस्ट के पुजारियों द्वारा संपन्न) अत्यंत पवित्र क्षण थे. प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी ने भी सोमनाथ में शुरू किए गए स्वाभिमान पर्व के तहत विशेष महापूजा के लिए पंजीकरण कराया है. मैंने इस महापूजा के लिए व्यक्तिगत रूप से मंदिर जाने और महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने का निर्णय लिया है.
यह वर्ष सोमनाथ मंदिर के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह 1026 में मंदिर पर हुए हिंसक हमले के 1000 वर्ष पूरे होने और 1951 में मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है. इस प्रेरणादायक गाथा को याद करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसकी विरासत को संरक्षित करने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मिलेनियल होस्ट’ अभियान शुरू किया है. इस अभियान के अंतर्गत, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत एक विशेष महापूजा शुरू की गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ में आप भारत की अदम्य भावना का अनुभव करेंगे, जिसने हर बाधा के बावजूद अपनी पहचान और संस्कृति को बरकरार रखा है. मैं प्रत्येक भारतीय से इस शुभ अवसर पर पवित्र सोमनाथ धाम की यात्रा करने और इसकी भव्यता को देखने का आग्रह करता हूं. सोमनाथ के तट पर खड़े होकर आप अपने भीतर इसकी प्राचीन गूंज महसूस करेंगे. वहां आप न केवल भक्ति का अनुभव करेंगे, बल्कि उस सभ्यतागत चेतना की शक्तिशाली धड़कन का भी अनुभव करेंगे जो कभी नहीं रुकी और जिसकी तीव्रता कभी कम नहीं हुई. आप समझ पाएंगे कि क्यों, अनगिनत प्रयासों के बावजूद, हमारी सभ्यता निरंतर बनी रही है. वहां आप शाश्वत विजय की उस दृष्टि का अनुभव करेंगे जो सदियों से भारत की शक्ति रही है. मुझे विश्वास है कि यह आपके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा.
श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत ‘विशेष महापूजा’ का आयोजन किया है. यह विशेष पूजा भक्तों को सोमनाथ महादेव की पवित्र उपस्थिति में पूरा दिन बिताने का दिव्य अवसर प्रदान करती है. अटूट आस्था के इस उत्सव के अंतर्गत, भक्त सुबह से शाम तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकते हैं.
महादेव की उपस्थिति में व्यतीत होने वाला यह दिन शांत सुबह के वातावरण में शुरू होता है. महापूजा सुबह 8:00 बजे संकल्प के साथ शुरू होती है, इसके बाद सुबह 8:10 बजे से 8:30 बजे तक ध्वजा पूजा होती है. सुबह 8:35 बजे से 8:50 बजे तक ढोल-नगाड़ों और शहनाई की मंगल ध्वनि के बीच ध्वजा परिक्रमा की जाती है. दूध, अनाज और गंगा जल से सोमनाथ महादेव का विशेष अभिषेक भी किया जाता है. पुजारी महादेव को एक धोती, उपवस्त्र, रुद्राक्ष माला और जनोई और मां पार्वती को एक साड़ी और अखंड श्रृंगार चढ़ाते हैं. साथ ही महादेव को 1008 बिल्व पत्र भी चढ़ाए जाते हैं. गौ पूजन और महामृत्युंजय जाप: सुबह 9:50 बजे से 10:00 बजे तक श्री सोमनाथ ट्रस्ट की गौशाला में नंदी/गौ पूजन और सेवक पूजन किया जाता है. इस अनुष्ठान के दौरान ब्राह्मण 1000 महामृत्युंजय मंत्रों का जाप करते हैं. श्रद्धालु सुबह 11:45 बजे राजभोग थाली देख सकते हैं. इसके बाद दोपहर 12:30 बजे श्री अहल्याबाई मंदिर के भोजनशाला में ब्राह्मण भोजन होता है. दिन का समापन शाम की आरती से पहले दिव्य दीपमाला दर्शन के साथ होता है, जिसका अनुभव श्रद्धालु शाम 6:15 से 8:00 बजे तक कर सकते हैं.
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एमएस/