अखिलेश यादव के दावे पर भाजपा का पलटवार, प्रकाश पाल का तंज- ‘यह उनका आखिरी चुनाव होगा’

लखनऊ, 21 जुलाई . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है, जिसमें सपा प्रमुख ने कहा कि 2027 में पीडीए सरकार बनेगी. प्रकाश पाल ने कहा कि जनता सब देख रही है, 2027 का चुनाव अखिलेश यादव का आखिरी चुनाव होगा.

उन्‍होंने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि 2024 के बाद, उन्होंने जॉर्ज सोरोस के साथ हाथ मिलाया और मोदी-विरोधी और भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे. उन्होंने संविधान, आरक्षण और 8,500 रुपए के नाम पर महिलाओं और जनता को गुमराह किया. अब, लोग इंडी गठबंधन के नेताओं को सिर्फ हरा नहीं रहे हैं, बल्कि निर्णायक रूप से हरा रहे हैं, चाहे वह हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल या असम हो.

उन्‍होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री रहते हुए हारे, ममता बनर्जी मुख्यमंत्री रहते हुए हारीं, तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा और गौरव गोगोई भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा थे और वे भी हार गए. बस 2024 के बाद जनता का मूड देखिए.

उन्‍होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि 2027 का चुनाव इनका आखिरी चुनाव साबित होगा. जनता का मनोरंजन करना होगा तो सैफई में कव्‍वाल बनने के लिए तैयार हो जाएंगे. सपा प्रमुख 2027 के बाद नेतागीरी छोड़ देंगे.

छात्रों से जुड़े मुद्दों पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस द्वारा सरकार को घेरने की कोशिशों पर भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल कहते हैं कि नीट दोबारा आयोजित की गई है, काउंसलिंग की तैयारी चल रही है और वहां कोई छात्र विरोध नहीं कर रहा है. चाहे अरुंधति रॉय हों, योगेंद्र यादव हों या राकेश टिकैत, ये शाहीनबाग वाले वही पुराने चेहरे हैं, जो पहले भी विरोध में शामिल रहे हैं.

भाजपा नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने उस विदेशी फंडिंग को रोक दिया है, जिसका इस्तेमाल भारत में लोगों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था, चाहे वह जॉर्ज सोरोस से आई हो या धर्म परिवर्तन कराने वाले अन्य संगठनों से.

उन्‍होंने कहा कि ये लोग पहले दिन जब प्रदर्शन शुरू किया गया था, उस समय कहां थे? लोकतंत्र को बदनाम करने वालों को जनता माफ नहीं करेंगी.

एएसएच/एबीएम