
कोलकाता, 21 जुलाई . पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मंगलवार को कोलकाता के परिवहन भवन में 50 एसी बसों के फ्लैग-ऑफ समारोह में हिस्सा लिया. इस मौके पर उन्होंने राज्य में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और कुशल बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.
उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर 1,000 नई बसें शुरू करेंगे, जो पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी.
मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम अधिकारी ने कहा कि हमने 50 पर्यावरण-अनुकूल बसों का उद्घाटन किया, जिनमें 43 सीएनजी और 7 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) शामिल हैं. यह सिर्फ शुरुआत है. 400 और बसों की तत्काल जरूरत के बारे में एक प्रस्ताव सौंपा गया है; जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी. आने वाले साल में हम 1,000 नई बसें शुरू करेंगे, जो पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी.
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के अंतर्गत जेट्टियों के उन्नयन की भी योजना बताई. उन्होंने कहा, “हम परिवहन विभाग द्वारा संचालित जेट्टी को अपग्रेड करने की योजना बना रहे हैं. हमारे पास बेहतरीन इनलैंड वॉटरवे नेटवर्क है और हम इसे और बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए काम करेंगे. यात्री परिवहन, पर्यटन और माल ढुलाई सेवाओं पर भी ध्यान देंगे. सुंदरबन जैसे गंतव्यों के लिए हम शानदार नाव सेवाएं और उच्च-गुणवत्ता वाली हॉस्पिटैलिटी प्रदान करने की योजना बना रहे हैं.
सीएम अधिकारी ने कोलकाता मेट्रो परियोजना पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कोलकाता की मेट्रो भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अंतर्गत आती है. हमने तय किया है कि रेलवे इसका रखरखाव और विस्तार करेगा जबकि हम सहयोग देंगे. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों में लंबे मेट्रो नेटवर्क हैं. दिल्ली मेट्रो भी एक राज्य का मेट्रो प्रोजेक्ट है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विजन का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के साथ रचनात्मक सहयोग सड़क, रेलवे, मेट्रो और जलमार्गों के विकास के लिए आवश्यक है, जो राज्य में उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ाएगा.
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि एक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और समय पर काम करने वाला ट्रांसपोर्ट नेटवर्क ही पश्चिम बंगाल की आर्थिक तरक्की का असली इंजन है.
प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ विजन के आधार पर राज्य के 40 अहम विभाग इस दिशा में काम कर रहे हैं. यह कार्यक्रम राज्य सरकार की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन व आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है.
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डीकेएम/पीएम