
नई दिल्ली, 28 जुलाई . कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा सांसदों ने इसकी कड़ी निंदा की. भाजपा राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री के लिए जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया गया, उससे साफ है कि उन्होंने अपनी मां को शर्मसार कर दिया.
नई दिल्ली में से बातचीत में भाजपा सांसद ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं ने इतनी अभद्र बातें कही, जो न सुन सकते हैं और सुनने की हिम्मत भी नहीं कर सकते हैं. पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई. मुझे तो ऐसा लगता है कि जिन छात्र-छात्राओं ने इस तरह की अश्लील हरकत की, उन्होंने अपनी मां को शर्मसार किया है. सभ्य नागरिक बनने की बजाय विपक्ष के बहकावे में आकर छात्रों ने अश्लील हरकतें की हैं. वो माफी के योग्य नहीं हैं.
धर्मशीला गुप्ता ने पेपर लीक बिल पर कहा, “विपक्ष की पुरानी आदत है, जब भी सदन चलता है तो कोई ना कोई मुद्दे लाकर वो सदन को बाधित करते हैं. देशहित की बातें नहीं होने देना चाहते हैं. पेपर लीक तो बहाना है. पूर्व की सरकारों में कर्नाटक, झारखंड, पंजाब में कितने पेपर लीक हुए थे. हमारे देश के प्रधानमंत्री छात्रों के हित के लिए कटिबद्ध हैं. वो ऐसा कानून लाए हैं कि जो भी परीक्षा से छेड़छाड़ करेगा, उसको 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपए का दंड मिलेगा. लेकिन, ये विपक्ष हंगामा कर रहे हैं क्योंकि उनको विकास और देश से मतलब नहीं है.
ई-20 के मुद्दे पर केजरीवाल के बयान पर सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल को तो दिल्ली की जनता ने नकार दिया. अब वो पंजाब पर अपनी नजर लगाए हुए हैं. छात्रों को फिर बरगलाने और भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. मेरा तो यह कहना है कि केजरीवाल हार की हताशा में इतना निराश हो गए हैं कि उनको कहीं उनका अस्तित्व नहीं दिख रहा है, इसलिए छात्रों का सहारा लेना चाहते हैं. गंदी राजनीति के तहत छात्रों को भड़काना चाह रहे हैं. केजरीवाल को दामन में झांकना चाहिए कि उन्होंने क्या किया है, संन्यास लेकर कहीं बैठ जाना चाहिए.
तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि तेजस्वी यादव को कुछ मालूम नहीं है. वह देश में नहीं थे, इतने बड़े आंदोलन को विदेश से भड़का रहे थे. वह क्या बोलेंगे? उन्हें तो बिहार से कोई मतलब नहीं है, बिहार ने उन्हें नकार दिया है.
–
डीकेएम/एबीएम